ISRO ने खोज निकला चंद्रयान-2 का खोया हुआ लैंडर विक्रम, मगर एक बड़ी दिक्कत अभी भी है

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पिछले कुछ दिनों से देश एक खबर के इर्द गिर्द बहुत ही ज्यादा घूम रहा है और वो है चंद्रयान-2. आमतौर पर इसरो को इतना मोरल सपोर्ट मिलते हुए पहले कभी देखा नही गया लेकिन इस बार के मिशन पर खबरे मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर छायी रही. प्रधानमंत्री भी इसमें शरीफ हुए लेकिन दुःख का पल तब आया जब यान का लैंडर विक्रम चाँद पर उतरने के महज 2 किलोमीटर पहले ही गायब हो गया. इसरो ने उससे कनेक्शन स्थापित करने की कोशिश बड़ी की लेकिन नही हुआ. इसरो चीफ के सीवन रोते हुए नजर आये लेकिन उन्होंने हिम्मत नही हारी और आखिरकार एक अच्छी खबर आयी है.

ऑर्बिटर ने लैंडर को खोज निकला, तस्वीर भी भेजी
चंद्रयान-2 कुल तीन भागो में बंटा है जिसमे एक है ऑर्बिटर, दूसरा है लैंडर और तीसरा है रोवर. रोवर लैंडर के अंदर ही है मौजूद है जबकि ऑर्बिटर चन्द की कक्षा में है. ऑर्बिटर अपना काम कर रहा है और काम करते करते ही उसने चाँद की तस्वीरो के साथ में लैंडर विक्रम की थर्मल तस्वीरे भी ले ली है. इससे इसरो को लैंडर विक्रम की लोकेशन मालूम चल गयी है और उसकी तस्वीरे भी पहुँच चुकी है.

दिक्कत ये है कि कम्यूनिकेशन स्थापित नही हो पा रहा है
सब कुक ठीक है. ऑर्बिटर तस्वीरे भेज रहा है और हम लैंडर को देख भी पा रहे है, उसकी लोकेशन मालूम है लेकिन सबसे बड़ी समस्या है कनेक्शन. लैंडर काम का तभी है जब इसरो का सिस्टम उससे कनेक्ट हो पाए क्योंकि तभी लैंडर से रोवर प्रज्ञान बाहर निकल पायेगा और वो चाँद की जमीन पर अपने एक्सपेरिमेंट करके हमें उसके बारे में जानकारी दे सकेगा. ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है कि कनेक्शन कब और किस तरह से स्थापित हो पायेगा?

अगर किसी तरह से कनेक्शन स्थापित हो जाता है तो फिर तुरंत रोवर प्रज्ञान को बाहर निकाला जा सकेगा और इसरो का मिशन पूरी तरह से सफल माना जाएगा मगर ये किस तरह से होगा? इस पर अभी भी काम चल रहा है और लोग जल्द ही एक अच्छी खबर की उम्मीद भी कर रहे है.