राम जेठमालानी का अचानक निधन, पिछले दो हफ्ते से थे गंभीर रूप से बीमार

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देश ने आज एक बार फिर से सवेरे सवेरे एक अँधेरा छाते हुए देखा है. एक बहुत ही बड़े स्तर के अधिवक्ता और पूर्व क़ानून मंत्री रामजेठमलानी का निधन हो गया. उनकी उम्र पूरे 95 वर्ष थी और पिछले दो हफ्ते से वो काफी गंभीर तरीके से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज भी चला और चेक अप वगेरह सब हुआ लेकिन उम्र के चलते उनका शरीर काफी कमजोर पड़ चुका था जिसके चलते उन्हें बचाया नही जा सका और उनका आज सवेरे ही स्वर्गवास हो गया.

पाकिस्तान से भागकर आये, मुंबई के रिफ्यूजी केम्प में रहे और फिर सबसे महंगे वकील बन गये
राम जेठमलानी का जन्म पाकिस्तान के शिकारपुर में हुआ था लेकिन पाक की हालत खस्ता थी जिसके चलते उन्होंने उसे छोड़ने का फैसला किया. वो भारत में आकर के बस गये और यहाँ उन्हें काफी वक्त मुंबई के रिफ्यूजी केम्पो में बिताना पडा लेकिन संघर्ष किया और वकालत की. कई बड़े बड़े मुकदमे भी लडे और उन्हें जीता भी. वो देश के सबसे महंगे वकीलों में भी शुमार हुए जो एक केस पर एक तारिख पर अदालत में बोलने के लिये 1 करोड़ रूपये की फीस लिया करते थे.

अमित शाह से लेकर बाबा रामदेव के लिये लड़ चुके है केस, इंदिरा के खिलाफ भी खड़े हुए
राम जेठमलानी का नाम यूँही मशहूर नही है. उन्होंने अमित शाह का केस सोहराबुद्दीन मामले में लड़ा था. यही नही बाबा रामदेव, लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, आसाराम बापू, लालू प्रसाद यादव, येदियुरप्पा और मनु शर्मा जैसे बड़े बड़े दिग्गज नेताओं के केस लड़ चुके है और इनमे से अधिकतर बार वो केस जीतकर के ही लौटे ये भी फैक्ट है. जिन लोगो ने इंदिरा गांधी की जान ली थी उनका केस भी राम जेठमालानी ने ही लड़ा था.

देश भर से दी जा रही है श्रद्धान्जलि
राम जेठमालानी का चला जाना अदालतों और क़ानून जगत के लिए एक क्षति की तरह है क्योंकि उन्होंने देश में कानूनी रूप से कई आमूल चूक बदलावों को लाने में न सिर्फ मदद की बल्कि कई बड़े बड़े मुकदमो और मसलो को सुलझाया भी है. ट्विटर पर उन्हें कई हेन्डल्स के द्वारा श्रद्धान्जलि दी जा रही है.