केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका, मेट्रो फ्री करने पर कही ये बात

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फ़िलहाल के दिनों में दिल्ली में केजरीवाल की राजनीति काफी जोर शोर से चल रही है क्योंकि वो चीजो को फ्री कर देने पर ज्यादा जोर देते है और लोगो को भला और क्या चाहिये? बिजली और पानी को मुफ्त करने की राजनीति में सफल होने के बाद में अब अरविन्द केजरीवाल की नजर दिल्ली मेट्रो पर पड़ी है और वो चाहते है कि अब महिलाओं के लिये दिल्ली मेट्रो को मुफ्त कर दिया जाए. सुनने मे पहले लोगो को थोडा अजीब लगा लेकिन बाद में पार्टी ने कन्फर्म कर दिया कि हाँ वाकई में ऐसा होने जा रहा है. मगर अब इस पर आपत्ति जताने वाले भी कई लोग है.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई मेट्रो के घाटे में जाने की चिंता, कहा सरकार मुफ्त में बांटने से बचे
अरविन्द केजरीवाल द्वारा मेट्रो को मुफ्त किये जाने की कवायद किये जाने की शुरुआत किये जाने से पहले ही कोर्ट ने न सिर्फ उन पर तीखी टिपण्णी की है बल्कि साथ ही साथ में फटकार भी लगायी है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कहा गया ‘महिलाओ को मुफ्त में मेट्रो की सेवा क्यों? ऐसे कदम से तो दिल्ली की मेट्रो घाटे में चली जायेगी’.

अपनी चिंता को व्यक्त करते हुए कोर्ट ने कहा ‘सरकार को जनता के पैसे का सही इस्तेमाल करना चाहिये और इस तरह की मुफ्त की सौगात देने से भी बचना चाहिये. इससे हो सकता है कि डीएमआरसी के राजस्व पर असर पड़े और आने वाले समय में वो एक लाभकारी उपक्रम ही न रहे’. कोर्ट की चिंता भी अपनी जगह पर जायज है क्योंकि इसके बाद न सिर्फ मेट्रो का राजस्व बल्कि गुणवत्ता भी गिर जायेगी जिसे बड़ी मुश्किल से मेंटेन किया जा रहा था.

इससे पहले मेट्रोमेन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने भी केजरीवाल के इस फैसले पर चिंता जताई थी. उनका तो ये तक कहना था कि इस फैसले से मेट्रो बर्बाद हो सकती है इसलिए मेट्रो में राजनीति न लाई जाये तब तक ही बेहतर है. खैर अभी खींचतान चल रही है और भविष्य के गर्त में क्या छुपा है? ये तो वही ही बतायेगा.