महबूबा और उमर को आजाद करने को लेकर बहुत बड़ा फैसला सामने आया है

914

पिछले काफी लम्बे समय से कश्मीर में मुद्दा थोडा ज्यादा संवेदनशील हो रखा है. जबसे अनुच्छेद 370 हटाया गया है उसके बाद से ही लगातार कश्मीर में लोगो पर नजर रखी जा रही है, उन्हें काबू में रखा जा रहा है, इन्टरनेट रोक दिया गया है और तो और कश्मीर के बड़े नेताओं जैसे महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला को भी हिरासत में रखा गया है जो अपने आप में काफी बड़ा मुद्दा बन गया है. मगर इन सबके बीच में कई लोग है जो इनकी रिहाई का इन्तजार कर रहे है. उनके लिए एक बहुत ही बड़ी खबर देखने में आई है.

अभी नही होगी रिहाई, अमन की बात करे तो हो सकता है विचार
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी न तो उमर अब्दुल्ला को और न ही महबूबा मुफ़्ती को किसी भी हालत में छोड़ा जाएगा. अभी सरकार शान्ति व्यवस्था पूर्ण रूप से बहाल करने की कोशिश में है और ऐसे में कोई भी ख़तरा उठाने की बात ही नही बनती. हालांकि आगे चलकर के ये दोनों ही नेता शान्ति और अमन की बात करते है तो इन्हें छोड़ने पर विचार किया जा सकता है, तब तक इन्हें बंद करके ही रखा जाएगा.

पाक बना रहा है बार बार मुद्दा
पाक लगातार महबूबा जैसे नेताओं को बंद करने पर मुद्दा उठा रहा है और कह रहा है कि उनके अधिकार छीन लिए गये है. यही नही इसके अलावा भी कई लेफ्ट जगत के एक्टिविस्ट्स है जो बार बार उनके खिलाफ हो रहे सरकारी एक्शनो पर सवाल उठा रहे है, ऐसे में सरकार पर जाहिर तौर पर प्रेशर अलग अलग देशो से बनता तो है लेकिन अब उन्हें छोड़ना फ़िलहाल संभव नही है क्योंकि वो व्यवस्था बिगाड़ सकते है.

घाटी के फ़िलहाल 40 के करीब नेता और 100 से भी अधिक पत्थरबाज हिरासत में है जिन्हें तब तक बंद रखा जाएगा जब तक सरकार आश्वस्त नही हो जाती कि सब कुछ नार्मल हो गया है. कई ऐसे भी अलगावादी है जिन्हें कश्मीर जेल से निकालकर आगरा जेल की तरफ शिफ्ट किया गया है.