खुश खबरी: जल्द ही बढाकर इतनी की जा सकती है टैक्स छूट की लिमिट

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साल 2019 पेश किये गये मोदी सरकार के बजट को देखकर के मानो मिडल क्लास की बांछे ही खिल गयी थी. हमेशा टैक्स में छूट को लेकर के सरकार की तरफ उम्मीदों से देखने वाले मिडल क्लास को सरकार ने वो तोहफा दिया जिसकी शायद उन्होंने उम्मीद भी नही की थी. पूरे 5 लाख की इनकम तक सरकार ने कोई भी इनकम टैक्स नही लेने की घोषणा की और इससे कई लोगो को निजी तौर पर डायरेक्ट फायदा हुआ. मगर अभी भी कई लोग है जिन्हें बेनिफिट नही हुआ है और इस बार शायद उन्हें फायदा मिल सकता है.

6 लाख 25 हजार तक हो सकती है टैक्स छूट की सीमा
दरअसल सरकार ने एक डायरेक्ट टैक्स पर कमिटी का गठन किया था. इस टास्क फाॅर्स का सबसे ज्यादा फोकस इस देश के मिडल क्लास के लोगो की जिन्दगी को बेहतर करने पर है और इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने सरकार को टैक्स छूट की लिमिट 6 लाख 25 हजार रूपये कर देने की सिफारिश की है. अभी आज की तारीख में ये छूट की सीमा पांच लाख तक ही है जिसे बढाने के लिये विचार विमर्श किया जा रहा है.

अधिक अमीर लोगो के लिये बढ़ेगी मुश्किले
जो लोग कुछ ज्यादा ही अमीर है यानी जिन्हें सुपर रिच कहा जाता है उनके लिए मुसीबते बढ़ने जा रही है क्योंकि 20 लाख से 2 करोड़ कमाने वालो पर 30 फीसदी और जो लोग 2 से 5 करोड़ कमाते है उन  पर 35 फीसदी टैक्स लगाने की बात चल रही है और कुछ अलग से सरचार्ज को लेकर के भी चर्चाये हो रही है. इस तरह के कुछ बदलाव करने के बातो को कमिटी ने सरकार को सौंप दिया है और अब बस इन पर विचार किया जाना ही बाकी है.

एक बात ये भी है कि इन्हें लागू करने में काफी रिस्क भी है क्योंकि टैक्स छूट की सीमा इतनी बड़ी करने पर कही न कही रेवेन्यू जो थोडा बहुत डायरेक्ट टैक्स से आता है उसमे हल्की सी कमी आ सकती है. हालांकि सुपर रिच लोगो से वसूली हो रही है लेकिन वो भी दे देकर के कितना देंगे? ये भी तो सोचने वाली ही बात है.