अमित शाह और उनके बेटे को बदनाम करने वाले पत्रकारों से कोर्ट ने क्या कहा?

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आप जब काफी उंचाइयो पर पहुँच जाते है तो आपके दुश्मन भी उसी स्तर के बन जाते है. ऐसा ही कुछ उनके साथ में भी हो रहा है शाह के खिलाफ कोई भी सबूत ढूंढ नही पा रहा है तो उनके व्यापारी बेटे के जय शाह के कंधे पर रखकर शाह पर फायर करने की कोशिश की जा रही है, जो भी नाकाम ही साबित हो रही है. ये सब हो रहा है मीडिया ट्रायल के जरिये और जय शाह इसके चक्कर में फंस गये है और निकलने के लिये उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया.

कोर्ट ने ‘द वायर’ को फटकारा, कहा ‘ये आजकल के मीडिया की संस्कृति बन गयी है’
दरअसल द वायर नाम के मीडिया संस्थान ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमे उन्होंने जय शाह पर कई गंभीर आरोप लगाये थे और उनकी सम्पति कैसे बनी वगेरह का ब्यौरा देने की मनगढ़त कोशिश की थी जो बात जय शाह को नागवार गुजरी और उन्होंने कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया जिसमे द वायर की पैरवी फ़िलहाल कपिल सिब्बल लड़ रहे है. वैसे सिब्बल को हर विवादित मुकदमे में देखने की जनता को आदत सी पड गयी है.

जय शाह ने दायर किया है 100 करोड़ का और अपराधिक मानहानि का मुकदमा
जय शाह ने काफी भारी भरकम केस द वायर पर लगा रखे है और ऐसे में सिब्बल ने याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने न सिर्फ याचिका वापिस लेने को कहा जिसकी दरख्वास्त सिब्बल ने खुद की थी बल्कि द वायर को फटकार लगाते हुए कहा ‘ये आजकल के मीडिया की संस्कृति बन गयी है. आप किसी को भी 10 घंटे का नोटिस देते हो और रिपोर्ट पब्लिश कर देते हो.’ कोर्ट ने और भी काफी कुछ कहा है. वो जस्टिस कहते है ‘हम याचिका वापिस लेने की अनुमति क्यों दे? क्यों न हम इस पर स्वतः ही संज्ञान ले ले? ये बड़ा ही गंभीर मामला है. ये किस टाइप की पत्रकारिता है? माना प्रेस की स्वतंत्रता सर्वोपरि है लेकिन ये एकतरफा नही है’.

जिस तरह से कोर्ट में द वायर और उनके वकील सिब्बल को जबरदस्त फटकारे पड़ी है उसके बाद में उनका मनोबल कमजोर होना तो लाजमी है लेकिन अब उनके फाउंडरो और चलाने वाले पत्रकारों पर भी शिकंजा और भी ज्यादा मजबूत हो सकता है क्योंकि शाह के बेटे ने काफी जोर लगा रखा है.