अब वीवीआईपी नही मनमोहन सिंह, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

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डॉक्टर मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री पूरे 10 वर्षो तक रहे और उनका कार्यकाल ठीक ठाक भी रहा. कुछ एक आर्थिक सुधार वो लेकर के भी आये और मंदी के दौर में उनका काम सराहनीय माना जाता है लेकिन इसके बावजूद सत्ता का पॉवरहाउस गांधी फैमिली को बना देने के चलते उनकी खूब आलोचना की गयी और इस वजह से मनमोहन सिंह को पूर्ण रूप से कामयाब पीएम भी नही माना जाता है. मगर अब जब वो इतना सब कर चुके है तो पहले उन्हें एसपीजी सुरक्षा मिलती थी और अब भी मिल रही थी. आखिर वो देश के सबसे शीर्ष नेताओं में से एक है, मगर अब वो नही होंगे.

वीवीआईपी नही रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह, छीन ली गयी एसपीजी सुरक्षा
प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद में भी डॉक्टर मनमोहन सिंह को सुरक्षा के लिहाज से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी. उनके घर पर ही 200 के करीब एसपीजी कमांडो हर वक्त तैनात रहते थे. जब वो कही बाहर जाते थे तो उनके आगे पीछे कम से कम 20 कमांडो हर वक्त उनके आस पास नजर आते थे लेकिन ये सुरक्षा इस मंगलवार को खत्म कर दी गयी है. हालांकि उन्हें सामान्य सरकारी सुरक्षा मिलती रहेगी लेकिन ये स्पेशल केटेगरी अब उनके लिये नही रही.

अब मिलती है सिर्फ 4 लोगो को एसपीजी सुरक्षा
आज की तारीख में अब सिर्फ देश में चार लोगो को एसपीजी लेवल की सुरक्षा मिलती है. इनमे से एक तो खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है और अन्य तीन गांधी परिवार के लोग राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और सोनिया गांधी है. इनके घर पर भी हर समय एसपीजी के कमांडोज तैनात मिलते है. ये जवान हर उस जगह पर जाते है जिनकी सुरक्षा करने का दायित्व इन लोगो को मिला हुआ होता है.

हर वर्ष इस सम्बन्ध में कानूनी तौर पर समीक्षा की जाती है कि किसे इस सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी और किसे इसकी जरूरत नही है? उसी आधार पर सुरक्षा देने के फैसले तय किये जाते है. इसी तरह के मानक जेड और वाय लेवल की सुरक्षाओ के लिए होते है जो बाकी मंत्रियो मुख्य्मंत्रियो या बड़े सेलेब्रिटीज को भी मिलती है.