संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर पर भारत से की ये अपील, कहा ‘कम से कम इतना तो कर दो’

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कश्मीर फ़िलहाल के दिनों में काफी सेंसेटिव दौर से गुजर रहा है और सरकार भी इसे कोई भी कोताही बरते बिना हेंडल कर रही है ये भी हम सभी लोग काफी बेहतर तरीके से जानते है. अब क्योंकि दुनिया का वैश्वीकरण हो चुका है और किसी भी कोने में कुछ भी होता है तो फिर उस पर प्रतिक्रियाएं भी खूब आने लगती है. आखिर ये दौर ही कुछ ऐसा है. भारत ने कश्मीर में पिछले एक महीने से जो कुछ भी किया है उस पर भी काफी कुछ कहा गया लेकिन पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र ने अपनी तरफ से संज्ञान लेकर कुछ कहा है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संघ ने की अपील जम्मू कश्मीर में कनेक्टिविटी को फिर शुरू करे भारत
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से की गयी अपील से भारत सरकार से कहा गया है ‘ भारत सरकार के द्वारा बिना किसी जस्टिफिकेशन के इन्टरनेट और टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क को बंद करना लोगो को बुनियादी अधिकारों से मेल नही खाता है. ये ब्लैकआउट पूरे जम्मू कश्मीर के लोगो को एक साथ में सजा देने जैसा है वो भी उन्हें ये बताये बिना कि आखिर उन्होंने किया किया क्या है?’

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूएन ने कहा ‘गुरूवार को संयुक्त राष्ट्र के पांच बड़े मानवाधिकार अधिकारियों ने इस पर भारत से पुरजोर अपील की है’. भारत अपनी तरफ से हर बार लोगो के अधिकारों का सम्मान करने की बात करता है लेकिन इस बार परिस्थितियाँ कुछ ऐसी है कि लोगो की जान बचाने के लिए कुछ लगाम लगानी जरूरी है और ये उनके भले के लिए ही है वरना कल को अगर कुछ हो जाये तो इल्जाम भी सरकार पर ही आएगा.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र के अधिकतर सदस्य देश इसमें यही कहते है कि ये भारत का आंतरिक मसला है और इसमें किसी को भी दखलअन्दाजी नही करनी चाहिये. रूस और फ़्रांस समेत यूएई इसमें काफी अग्रणी रूप से बोल रहे है जो बताता है कि भारत का पक्ष मजबूत है मगर कही न कही कुछ आलोचनाये सुनने के लिए भी तैयार रहने की जरूरत है.