4 रूपये की वजह से हुई थी अरुण जेटली और रजत शर्मा की दोस्ती, जिन्दगी के अंत तक निभाया

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अरुण जेटली अब इस दुनिया में नही रहे. अपने आप में महान नेता, मृदुभाषी, बेहतरीन अर्थशास्त्री और विद्वता में उनका कोई सानी नही. इन सबके अलावा अरुण जेटली की एक निजी जिन्दगी भी थी और निजी जिन्दगी में उनका एक बड़ा ही प्यारा दोस्त भी था जिसका नाम था रजत. वही रजत शर्मा जो आज इंडिया टीवी चैनल के एडिटर इन चीफ है. दोनों की दोस्ती को लेकर के मिसाले दी जाती है लेकिन आप जानते है इन दोनों की दोस्ती की शुरुआत आखिर कैसे हुई थी? ये किस्सा अपने आप में दिल को छू लेने वाला है.

अरुण जेटली ने रजत शर्मा की फीस में कम पड़ रहे चार रूपये चुकाये और हो गयी दोस्ती
रजत शर्मा उन दिनों अपनी स्कूली पढ़ाई करके कॉलेज में आये ही थे कि उन्हें फीस के लिये परेशान होना पडा. उन्होंने जैसे तैसे कुछ पैसे जमा किये और कॉलेज के अकाउंटेंट के पास पहुंचे. वहाँ जाकर के उन्होंने पैसे दिये तो उसमे 4 रूपये कम पड़ रहे थे. जब अकाउंटेंट ने बाकी पैसे मैनेज तो उनके पास वो नही थे. इस पर अकाउंटेंट उन्हें जोर जोर से डांटने लगा और सब बच्चे खड़े होकर के देख रहे थे.

इतने में ये बात अरुण जेटली को पता चलती है. अरुण जेटली उस समय वहाँ के छात्र संघ के अध्यक्ष थे. वो वहाँ आये और उन्होंने रजत शर्मा के बचे हुए चार रूपये चुकाये और फिर उस अकाउंटेंट को भी जमकर के डांटते हुए कहा, भला फ्रेशर से कोई ऐसे बात करता है? ये कहकर के उन्होंने फीस भरी और रजत शर्मा से कहने लगे, तुम्हारा सारा पैसा तो फीस में चला गया अब तो चाय पीने के पैसे भी नही बचे होंगे? चलो मैं तुम्हे चाय पिलाता हूँ. बस वो चाय की चुस्की से लेकर अब तक दशक बीत गये और दोनों जीवन के इस मोड़ तक पक्के यार बनकर के रहे.

रजत शर्मा पर लगते रहे अरुण जेटली के कारण भाजपा का पक्ष लेने के आरोप
रजत शर्मा आगे चलकर के पत्रकार बने और उन्होंने आप की अदालत जैसा सुपर हिट शो भी बनाया. उन पर विपक्ष के लोग अक्सर आरोप लगाते रहे कि अरुण जेटली की वजह से रजत शर्मा अपने चैनल पर बीजेपी का ही पक्ष लेते है. हालांकि इन सबका जेटली और रजत शर्मा की दोस्ती पर कोई भी असर नही पड़ा.