दिल्ली एम्स में अरुण जेटली का निधन, आखिरी दिनों में इस तरह रखा गया था जीवित

410

भारतीय जनता पार्टी वैसे तो हर जगह पर जीत रही है लेकिन लीडरशिप के मामले में बड़े ही बुरे दौर से गुजर रही है. कुछ समय पहले सुषमा स्वराज को खो दिया, इसके बाद मध्यप्रदेश से पूर्व मुख्यमंत्री बाबुललाल गौर के स्वर्गवास की खबर आयी और अब देश के पूर्व वित्त मंत्री और और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता अरुण जेटली के निधन की खबरों ने सभी को मानो दुखी सा कर दिया है. आज दोपहर को 12 बजकर के 7 मिनट पर उन्होंने अपने प्राण त्याग दिये.

लम्बे समय से एम्स में भर्ती थे, आखिरी दिनों में वेंटीलेटर पर रखना पडा
अरुण जेटली इन दिनों में काफी बुरी स्थिति में थे. तबीयत खराब होने के चलते उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया. फिर उनकी हालत इतनी खराब हो गयी कि आखिरी दिनों में उन्हें वेंटीलेटर यानी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया. काफी दिनों तक इस हालत में रहने के बाद में नेताओं का इतना भारी जमावड़ा देखने के पश्चात उन्होंने अपना शरीर छोड़ दिया जिसके बाद से ही पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर है.

भाजपा की जड़ थे जेटली, वित्त क्षेत्र में किये कई सुधार
अरुण जेटली चुनावों में कोई सफल नेता नही थे लेकिन संगठन के मामले में वो बेजोड़ थे. उन्होंने भाजपा के संगठन को मजबूत करने में और उसे दिशा देने में बड़ी ही अहम् भूमिका निभाई. मोदी सरकार प्रथम में वो वित्त मंत्री रहे और उन्होंने जीएसटी जैसी कई पालिसीज भी बनाई जिससे देश में व्यापार करना काफी आसान हुआ. उनके किये हुए कार्य आगे भी खूब याद किये जायेंगे इस बात में कोई भी शक नही है. अभी भी सरकार को उनकी कमी महसूस होती है.

जिस तरह से जेटली ने अपने आपको संगठन और पार्टी को समर्पित किया वो देखने लायक था. उनके निधन पर पीएम समेत देश के सभी बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. अब उनके शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा जिसके बाद में अंतिम संस्कार होगा. उनकी पालिसीज को पसंद करने वाले लोगो की आँखों में आज आंसू भरे पड़े है.