चिदम्बरम की गिरफ्तारी का पाकिस्तान में विरोध हो रहा है

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चिदम्बरम जिस दौर से गुजरे है वो कही पर सुनहरा भी है तो कही पर उन्होंने अब पत्थर की राहे भी देखनी शुरू कर दी है. उन पर आरोप है कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने आईएनएक्स घोटाला किया जिसमे 300 करोड़ से भी अधिक के गबन की आशंका जतायी जा रही है. ऐसे में उन्हें पकड़ने के लिए सीबीआई को काफी धरपकड़ करनी पड़ी लेकिन आखिर कार राउत एवेन्यू कोर्ट ने चिदम्बरम की रिमांड सीबीआई को सौंप दी है. एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है. अब तकलीफ चिदम्बरम को हो रही है लेकिन इसका दर्ज न जाने क्यों पाकिस्तान में उठने लगा है?

पाकिस्तानी सीनेटर रहमान मलिक ने कहा चिदम्बरम ने मुझे पहले भी आगाह किया था
पाक के संसद के सीनेटर रहमान मालिक ने कहा कि जब चिदम्बरम सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आये थे तब उन्होंने मुझसे कहा था कि भारत में कट्टरपंथियों की फ़ौज तैयार हो रही है लेकिन मुझे उस वक्त तक यकीन नही था, मगर अब वो सही साबित हुए. मोदी सरकार विपक्ष की आवाजो को दबाने की कोशिश कर रही है, जो कश्मीर जैसे मुद्दों पर या 370 पर उनके खिलाफ बोलते है. मैं आशंका व्यक्त करता हूँ कि आगे और भी ऐसे नेताओं की गिरफ्तारियां की जायेगी.

पहले भी नजर आ चुकी है कांग्रेस और पाकिस्तान में करीबियां
ऐसा पहली बार नही है जब कांग्रेस और पाक के बीच इतनी हमदर्दी दिखी हो. दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार पाक में जाकर के मदद मांगी थी कि आप मोदी को हटाने में हमारी मदद करे. वही कांग्रेस से ही उपमुख्यमंत्री रहे नवजोत सिंह सिद्धू भी बाजवा के गले मिलते नजर आये थे जिसे लेकर के उनकी अच्छी खासी आलोचना हुई थी.

अब इन सब बातो के बीच में चिदम्बरम के मामले में पाक का कूद पड़ना और इसे राजनीतिक बनाने का प्रयास करना कही न कही सवाल तो खड़े करता है क्योंकि ये तो पूरी तरह से भारत का आंतरिक मसला है और पाक को इसे बोलने से जरुर कोई तो निजी फायदा या नेता से सम्बन्ध है तभी वो बोल रहे है.