मोदी ने फिर किया चीन को पस्त, सारे सपने एक झटके में चूर चूर कर दिये

520

जबसे नरेंद्र मोदी प्रधानममंत्री बने है तबसे ही वो अपनी सख्त विदेशनीति को लेकर के दुनिया भर में काफी ज्यादा लोकप्रिय हो गये है और होना लाजमी भी है क्योंकि जिस तरह से वो आगे बढे है और अपने आपको साबित किया है वो कही न कही सही भी है. अब भारत को एशिया में तो टक्कर चीन ही देता है और अब प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कुछ किया है जो चीन की विस्तारवाद की नीति को बहुत ही बड़ा झटका मिलने जा रहा है इससे भारत का एशिया महाद्वीप में प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है.

भूटान दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, चीन के लिये परेशानी
पीएम मोदी न सिर्फ भूटान के दौरे पर गये है बल्कि उनसे कुल दस समझौतों पर हस्ताक्षर भी किये है जिसमे वो न सिर्फ उनसे दोस्ती मजबूत करने की बात कर रहे है बल्कि भूटान में अपना निवेश भी बढ़ा रहे है. इससे भूटान की गेंद भारत के पाले में आ गयी है जिसे चीन अपनी तरफ करने की कोशिश कर रहा था. चीन आर्थिक निवेश का लालच और सेना का डर दिखाकर के लगातार भूटान पर अपना कब्जा तिब्बत की तरह जमाने की कोशिश कर रहा था.

डोकलाम में भी कर चुका है भारत चीन को नाकाम
चीन ने पहले भी सेना के बल पर भूटान के क्षेत्र डोकलाम पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश की थी लेकिन भारत की सेना ने वहां पर जाकर के उसे रोक लिया. इसे लेकर के नौबत इस हद तक आ गयी थी कि दोनों देश युद्ध की स्थिति में आ गये थे. इसके बाद से ही चीन की आँखों में भूटान चुभ रहा था. उसने भूटान को लालच देने की कोशिश भी की थी लेकिन भूटान नही माना था और अब मोदी की ये भूटान यात्रा चीन के सारे इरादों पर पानी फेरने वाली है इस बात में कोई भी शक नही है.

पीएम मोदी ने भूटान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए ये सम्मान भी दिया है कि भूटान जैसा पडोसी हर कोई चाहता है. कौनसा देश नही चाहता है कि उसे भूटान जैसा पडोसी देश मिले? चीन की आँखों में ये यात्रा खूब चुभ रही है लेकिन वो कुछ भी कर पाने की स्थिति में नही है.