जन्मतिथि: जब हेमा मालिनी से बात करते वक्त शरमा गये थे अटल जी, ये थी कहानी

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अटल बिहारी वाजपेयी जी की आज पहली जन्मतिथि है. भारत के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में से एक और बेहद ही बेहतरीन प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री मोदी से लेकर विपक्षी दल के सभी नेता भी उन्हें याद कर रहे है क्योंकि वो दलगत भावनाओं से बिलकुल परे है और ये उनकी बात को सार्थक करता हिया जब वो कहते थे पार्टी आयेगी जायेगी सरकार बनेगी बिगड़ेगी लेकिन देश रहना चाहिए. चलिये फिर आपको उनका एक किस्सा भी बताते है जब वाजपेयी जी को हेमा मालिनी से मिलना था.

हेमा जी से बात करते हुए कभी हिचकिचाते तो कभी शरमाने लगते थे अटल जी
ये वो दौर था जब हेमा जी को राज्यसभा सांसद की कुर्सी सौंपी गयी थी और तब वो कुछ काम से अटल जी से मिलना चाह रही थी. इस पर जब वो उनसे मिलने गयी तो अटल जी उनसे मिलते वक्त बेहद ही हिचकिचाते हुए से प्रतीत हो रहे थे. इस पर हेमा मालिनी ने बाकियों से पूछा कि वो ऐसा क्यों का रहे है? तो उन्हें बताया गया कि वाजपेयी जी तो आपके बहुत ही बड़े वाले फैन है. उन्होंने आपकी फिल्म सीता और गीता 25 बार देख रखी है.

देश को नयी दिशा देने वाले नेता बने
वो निजी रूप से तो अच्छे इन्सान थे लेकिन साथ ही साथ में उन्होंने देश में भी कई सारे रिफोर्म लाये. कश्मीर समस्या को सुलझाना, जीडीपी ग्रोथ मेंटेन करना, आर्थिक उदारीकरण, हाई स्पीड सडको का निर्माण, फोरेन रिजर्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी और तमाम ऐसे कई काम जिन्होंने देश की कायापलट करके रख दी उसके पीछे उनका ही योगदान बताया जाता है. उनकी नीतियों का फायदा आज भी देश को मिल रहा है और ये अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है.

वो संसद में भी जब खड़े होकर के बोलते थे तो सब लोग बस उन्हें बैठकर के सुनते ही रह जाते थे क्योंकि उनकी वाकपटुता और चातुर्य इतना शालीन और सुन्दर था जिसके आगे कोई भी नतमस्तक हो जाये. यही चीज उन्हें महानतम नेता बना देती है.