यूपी में सड़को पर नमाज करने वालो पर योगी सरकार का बड़ा फैसला

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भारत विश्व का सबसे बड़ा और धार्मिक देश है और यहाँ पर हर किसी को अपने अपने तरीके से धर्म का पालन करने का अधिकार भी दिया गया है लेकिन कई बार इन अधिकारों का इस्तेमाल लोग इस हद तक करने लग जाते है कि आम पब्लिक को इससे बहुत ही ज्यादा परेशानी होने लग जाती है. ये परेशानी होना लाजमी भी है और ऐसे में सबसे बड़ी समस्या रहती है जब सडको पर लोग धार्मिक क्रियाएं करने लगते है अब वो चाहे किसी भी धर्म से जुडी बात ही क्यों न हो?

डीजीपी ओम प्रकाश ने दी जानकारी, अब सडको पर नमाज या कोई भी धार्मिक आयोजन नही होगा
उत्तर प्रदेश में पहले सडको पर इस तरह की चीजे आम लोगो को और ख़ास तौर पर यातायात में बाधा उत्पन्न करती थी लेकिन अब ऐसा नही होगा. पहले मेरठ और अलीगढ़ से शुरुआत हुई और अब पूरे यूपी में सडको पर नमाज और किसी भी अन्य धार्मिक क्रियाकलाप जिससे आम लोगो को दिक्कत होती हो उस पर रोक लगा दी गयी है. शुरू में इसका विरोध किया गया था लेकिन जब इस पर सख्ती की गयी तो लोग भी चुपचाप मान गये और जैसे क़ानून है उसे फोलो करने लगे.

देश भर में बन रहा था टकराव का कारण
सडको पर नमाज देश में टकराव का कारण बनती चली जा रही थी. कई शहरो में तो लोग इसके खिलाफ सडको पर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे और मामला पहले से ही सरदर्द तो बना हुआ ही था जिसके चलते यूपी पुलिस और सरकार ने इस पर ध्यान देते हुए काफी बेहतरीन तरीके से इसे हेंडल किया और आखिरकार अब सडको को शांत कर दिया गया है जहाँ सिर्फ गाडिया चलेगी क्योंकि ये उसी काम के लिए बनाई गयी है.

सोशल मीडिया पर भी इस तरह के फैसले की जमकर के तारीफ़ हो रही है क्योंकि एक प्रोग्रेसिव नेशन में हमेशा इकॉनमी और राष्ट्र को धर्म से पहले रखा जाता है और ये विकास करने के लिये जरूरी भी है. इस बात को तो मानना ही पड़ेगा.