ट्रम्प ने दिया इमरान खान को बड़ा झटका, अमेरिका कश्मीर पर दिया ये बयान

240

कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच में शुरू से ही एक मसला रहा है और दोनों के बीच में लगातार होने वाले तनाव का कारण भी यही क्षेत्र रहता है लेकिन भारत की ताकत के आगे झुकते हुए पाक सिर्फ कर पाता है तो हाथ जोड़ना और विश्व के सामने झोली फैलाकर के मदद माँगना जिसमे अमेरिका सबसे पहले नम्बर पर है. हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कश्मीर में अपनी टांग अडाने की कोशिश भी की थी लेकिन विफल रहे. अब इसके बाद उनका जो बयान आया है वो अमेरिका की नीति में भारी बदलाव की तरफ इशारा करता है.

अमेरिकी प्रशासन ने कहा अब हम नही करेंगे कोई मध्यस्थता, भारत जाने पाकिस्तान जाने
अमेरिका ने अपने पिछले विचारों से पल्ला झाड़ते हुए साफ़ किया कि अमेरिका अब भारत और पाकिस्तान के बीच में कोई भी मध्यस्थता करने के मूड में नही है. ये इन दोनों के बीच का आपसी मसला है. हम इन्हें बातचीत के लिए प्रोत्साहित जरुर करेंगे लेकिन बीच में नही आएंगे. यानी अमेरिका अब पाकिस्तान के आमन्त्रण को ठुकरा चुका है जिसमे उसने अमेरिका से दखल देने की बात कही थी और ये भारत के लिए बहुत ही बड़ी कूटनीतिक जीत है क्योंकि द्विपक्षीय बात में तो पाक की कोई हैसियत ही नही है.

क्या है अमेरिका की नीति में इतने बड़े बदलाव की वजह?
महज महीने भर पहले डोनाल्ड ट्रम्प खुद इसकी मध्यस्थता करना चाह रहे थे लेकिन भारत के हाल ही के उठाये हुए कदम ने उन्हें भी हैरान कर दिया है. जिस तरह से जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है उसके बाद में विश्व को साफ़ सन्देश कश्मीर के मामले में मिल चुका है और इसे देखते हुए अमेरिका ने भी अपने हाथ झटक लिए क्योंकि समझदार को तो इशारा ही काफी होता है.

खैर अभी भी पूरा मामला सुलझा नही है क्योंकि पीओके का काफी हिस्सा बॉर्डर के उस पार है जिसे डिप्लोमेटिक तरीके से हासिल करने की कोशिश भारत जरुर कर रहा है और संभव है जल्द ही आने वाले समय में इसमें भी अच्छी खासी कामयाबी मिल सके.