तीन तलाक और 370 हटाने के बाद ये और दो बड़े कदम उठाने जा रही है मोदी सरकार

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मोदी और शाह की जोड़ी वो सभी वादे पूरी करते जा रही है जो भाजपा के संकल्प पत्र में थी. इन्हें पूरा करना आसान तो बिलकुल भी नही था लेकिन इसके बावजूद सरकार कोशिश कर रही है और हर तरह से अपने एजेंडे में आने वाले क़ानून भी पास करवा रही है. पहले सरकार ने जैसे तैसे तीन तलाक क़ानून बनाया और इसके बाद अब बहुत ही भारी विरोध के बावजूद भी मोदी और शाह की जोड़ी लगातार टिकी हुई है डटी हुई है और अपने आपको साबित कर रही है. चलिए जानते है वो दो क़ानून जो आने वाले एक से दो साल में आने वाले है.

यूनिफार्म सिविल कोड
मोदी सरकार के एजेंडे में सबसे उपरी चीजो में है यूनिफार्म सिविल कोड. अगर ये क़ानून आ जाता है तो सारे देश के नागरिको को सामान अधिकार और सभी के लिये समान क़ानून होंगे. अब तक सभी के लिये धर्म आधारित क़ानून बने हुए है जैसे मुस्लिम पर्सनल लॉ. मगर यूनिफार्म सिविल कोड के बाद शादी तलाक से लेकर हर सामाजिक या प्रशासनिक काम सभी के लिये सामान तरीके से होगा. इस क़ानून के आने के बाद में सभी नागरिक वाकई में सामान होने वाले है.

एंटी कन्वर्जन लॉ
भारत में पैसे देकर के धर्म बदलवाना भी एक बहुत ही बड़ी समस्या है और ऐसे में सरकार ऐसे लोगो पर लगाम कसने के लिये भी ये नियम पारित कर सकती है. इसमें धर्म बदलने और धर्म बदलवाने के लिए लालच देने वाले या फिर बल के द्वारा उसे मजबूर करने वालो पर भी सख्त कार्यवाही करने के निर्देश हो सकते है जिस पर चर्चाये हर जगह पर तेज हो सकती है.ये मिशनरियो के काम पर काफी ज्यादा प्रभाव डाल सकता है जो नार्थ ईस्ट और साउथ के राज्यों में काफी ज्यादा एक्टिव है.

हालांकि सरकार के लिए ये सब करना बिलकुल भी आसान नही होने वाला है क्योंकि अभी अनुच्छेद 370 हटाने में भी सरकार  के पसीने छूट गये थे और अब तो जो क़ानून पेश किये जाने वाले है उसमे तो पूरे देश में प्रशासन दुरस्त करते रहने की जरूरत पड़ेगी.