राम मंदिर केस: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा ‘कोई श्रीराम का वंशज जिन्दा है?’ मिला ये जवाब

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अयोध्या मंदिर केस में लगातार तारीख पर तारीख ही मिल रही है लेकिन लोगो की आस्था को अभी तक इंसान नही मिला है और ये अपने आप में काफी ज्यादा तकलीफ देने वाला भी है मगर अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है और कोर्ट ने भी इस मसले पर रोजाना यानी हफ्ते में 5 दिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है तो फिर इसका हल जल्द से जल्द निकल आने की उम्मीदे भी नजर आ रही है इस बात में कोई भी शक नही है और सुप्रीम कोर्ट ने कई ऐसे सवाल भी किये जिन्हें सुनकर के कई लोगो को अजीब भी लगेगा.

रामलला विराजमान के वकील से पूछा, क्या भगवान् राम का कोई वंशज जीवित है?
सुप्रीम कोर्ट में मामले में बहस चल रही थी और सभी पक्ष अपना अपना पक्ष भी रख रहे थे तभी सुप्रीम कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या रघुवंश (राम के वंश) का कोई व्यक्ति आज भी अयोध्या में रह रहा है? इस पर जवाब देते हुए वकील पराशरन ने कहा ‘ हमें इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नही है लेकिन हम इसके बारे में पता लगाने की कोशिश करेंगे.’ अब ये बात छोटी है और सबको लगता है कि ये मसला खत्म हो जाता है लेकिन ये भी एक पहलू है.

क्या होगा अगर कोई श्रीराम के परिवार का रघुवंशी होने का दावा करके साबित कर देता है?
इसे समझने के लिये आपको राजस्थान के राजघरानों और बाकी परिवारों को भी समझना होगा. जोधपुर से लेकर उदयपुर जालौर जैसी जगहों पर जो पुराने किले या कई अनमोल धरोहरे है उनपर सरकार ने कब्जा किया है लेकिन अधिकतर ऐसी जगहे भी है जहाँ पुश्तैनी अधिकार के आधार पर राजपूत परिवारों ने उन जगहों पर रहवास बनाया है या फिर वो उन जगहों पर फाइव स्टार होटल बनाई है जिससे वो कमाई करते है. उनके उस जमीन पर दावे के अधिकार कई तरह के होते है जैसे अंग्रेजो के जमाने के कागजात या वसीयते.

एक चारण जातीय समूह भी होता है जो उनकी पीढियों को किताबो में अंकित करता है और ये उनके अधिकारों को उन जमीनों पर सुनिश्चित करता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति ऐसा ढूंढ लिया जाता है जिसका सम्बन्ध आज से 500-700 या उससे भी पहले के हजार साल पुराने समय का है जिसके पूर्वज उसी जमीन पर रह रहे थे. ये दस्तावेज कुछ भी हो सकता है, धार्मिक पुस्तक या फिर किसी रिसर्चर की लिखी हुई किताब या पीढियों की खाता बही.

मुग़ल या राजपूती काल के कोई कागजात या कोई वो लोग जो पुरानी किताबो में दर्ज करके रखते आये है कि कौन कहाँ से है? किसके पूर्वज कहाँ से है? ये अयोध्या के मूल रघुवंशियो को ढूँढने में कारगर हो सकता है और उनकी वहाँ हिन्दू पक्ष को मजबूत करने में भी अहम् भूमिका देखी जा सकती है.