राम मंदिर केस में एक अच्छी खबर और एक बुरी खबर दोनों साथ आयी है

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अयोध्या में फ़िलहाल माहौल दिन ब दिन गरमा रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और सुनवाई भीदबाव में आने के बाद में तेज हो गयी है. आखिर सरकार से लेकर जनता तक सभी लोग चाह रहे है कि राम मंदिर जल्द से जल्द बन जाए लेकिन अब जब तीन दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है तो थोडा और धैर्य सही. वैसे मंदिर को लेकर के अच्छी और बुरी दोनों ही खबर आयी है तो चलिए फिर पहले तो आपको बढ़िया वाली खबर सुनाते है जिससे आपका मूड थोडा तो बेहतर हो ही जाये.

अच्छी खबर: अब परम्परा से हटकर हफ्ते में 5 दिन केस की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इसकी रेगुलर सुनवाई की बात मान तो ली थी लेकिन ये हफ्ते में सिर्फ तीन दिन ही सुना जाता और यही सुप्रीम कोर्ट की परम्परा भी थी लेकिन इस बात इसे तोड़ दिया गया और अब राम मंदिर की सुनवाई हफ्ते में 5 दिन होगी. इससे केस में रफ़्तार आयेगी और उम्मीद कर सकते है जल्द ही फैसला भी आ सकता है.

बुरी खबर: निर्मोही अखाड़े का पक्ष कमजोर पडा, नही पेश कर पा रहे दस्तावेज
निर्मोही अखाड़ा भी इस जमीन पर राम मंदिर का दावेदार है. उनका कहना है कि वो ही वहाँ पर पुजारी के तौर पर काम करते आये है और उनके दस्तावेज भी हुआ करते थे. जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दस्तावेज पेश करने को कहा तो निर्मोही अखाड़े के वकील ने कहा कि उनके दस्तावेज 1982 में हुई एक चोरी में खो गये थे जिसके चलते वो उन्हें पेश नही कर पायेंगे. इसके बाद में उनका पक्ष कमजोर हो जाता है. अगर वो कही से ये कागजात ढूंढकर के दिखा देते तो फैसला उनके पक्ष में आने से कोई भी रोक नही पाता मगर अब वो उनके पास है ही नही तो साबित कैसे होगा?

हालांकि इसका मतलब ये नही है कि केस कमजोर हो गया है रामलला विराजमान के पास अपने फैक्ट और तर्क है जिनके आधार पर वो यहाँ पर केस लड़ रहे है. सुब्रमहणयम स्वामी जो कि राज्यसभा सांसद है उनका दावा है उनके पास में पूरा आधार है जिसकी बिनाह पर सुप्रीम कोर्ट मंदिर के पक्ष में ही फैसला देगा.