मोदी सरकार का बड़ा फैसला, इसके बाद पूरी तरह खत्म हो जायेगी महबूबा की हैसियत

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पिछले 7 दशक से सरकार और देश दोनों ही कश्मीर की परेशानियों को झेल रही थी. कुछ दशको पहले हुई एक गलती को आखिरकार ठीक किया गया और कश्मीर को भी बाकी राज्यों की तरह एक सामान्य राज्य बना दिया गया मगर इस पूरे राज्य की खराब हालत करने के पीछे कुछ एक लोगो का हाथ माना जाता है जिनमे दो परिवार सबसे पहले आते है एक मुफ़्ती और दुसरे अब्दुल्ला. जिन्होंने वहाँ के ख़ास क़ानून की मदद से जबरदस्त फायदा उठाया और कश्मीरी वही के वही रह गये लेकिन अब ऐसा नही होगा क्योंकि मोदी सरकार सख्त हो गयी है.

महबूबा से सरकारी बँगला और सुविधाये छिनेगी, रह जायेगी मामूली नेता
महबूबा मुफ़्ती को पहले केंद्र से मदद और एक स्पेशल स्टेटस मिला हुआ था जिसमे उसे कई सारी  सरकारी सुविधाए मिलती थी, सरकारी बँगला मिलता था लेकिन अब ऐसा नही होने वाला है. अब महबूबा मुफ़्ती से ये सब छीन लिया जायेगा और वो एक मामूली नेता की हैसियत वाली महिला रह जायेगी. उमर अब्दुल्ला के साथ भी बिलकुल ऐसा ही किया जाने वाला है और ये उनके करियर का राजनीति के पथ का अंत ही समझा जाएगा इस बात में तो कोई भी शक नही है.

एक रिपोर्ट के अनुसार महबूबा मुफ़्ती की साज सज्जा पर ही 50 करोड़ के करीब रूपये खर्च होते है और अगर इन्हें आगे भी जारी रखा जाता तो इसमें और भी इजाफा होता लेकिन सरकार ने अब इन सब बेफालतू के खर्चो को रोक लिया है. हालांकि सुरक्षा के लिए उन्हें कोई गार्ड दिए जायेंगे या फिर नही इस पर अभी कुछ भी साफ़ नही हो पाया है.

फारूक अब्दुल्ला के क्या हाल है?
उमर अब्दुल्ला को अभी तक उनके ही घर में बंद करके रखा गया है ऐसा उनका कहना है. वो बार बार घर की छत पर आकर के चिल्ला रहे है कि वो ये सब नही मानते है और रोने लगते है. इस पूरे मसले को भावुक रूप देने की कोशिश की जा रही है और सरकार उम्मीद कर रही है कि आम कश्मीरी अब इस जाल में न फंसे और अपने भविष्य की तरफ अग्रसर हो.