दुबई वालो का पाकिस्तान को झटका, UAE ने दिया कश्मीर पर ये बड़ा बयान

1019

भारत ने हाल ही में अपने इतिहास का बहुत ही बड़ा फैसला किया है. सात दशक से चली आ रही धारा 370 को ख़त्म करके वहाँ पर केंद्र शासित प्रदेश की नीति लागू कर दी गयी है. ऐसा करने के पीछे का मकसद कश्मीर की सीमाओं को पहले की तुलना में और अधिक मजबूत करना, प्रदेश में शान्ति लाना और वहाँ क़ानून व्यवस्था ढंग से लागू करना है. इस पर पाकिस्तान विदेशो में जाकर के मदद मांग रहा है. अब कुछ पाक के लेवल के देश उसे सपोर्ट भी कर रहे है लेकिन भारत को तो बिन मांगे ही समर्थन मिल रहा है.

यूएई बोला ये भारत का आंतरिक मामला
संयुक्त अरब अमीरात ने भारत द्वारा कश्मीर मसले पर उठाये गये कदम का पुरजोर समर्थन किया है. उनकी तरफ से जारी बयान में कहा गया कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाना भारत का आंतरिक मामला है. राज्यों का पुनर्गठन करना स्वतंत्र भारत के इतिहास में कोई अनोखी घटना तो नही है. इससे भारत में क्षेत्रीय असमानता को कम किया जायेगा. ये भारत के द्वारा निर्मित सनिधान का अपना आंतरिक मसला है. एक मुस्लिम बाहुल्य देश का भारत के सपोर्ट में आना पाकिस्तान के लिए किसी झटके से कम नही है.

बाकी देशो से भी पाक की खत्म हो चुकी है उम्मीद
पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है, अन्य देश के राजदूतो से भी मिल रहा है लेकिन उसे कोई मदद मिल नही रही है क्योंकि भारत की ताकत के आगे वो बेहद छोटे है और अमेरिका पहले से ही ईरान और कोरिया की वजह से परेशान है, चीन अपनी ट्रेड वार में पिस चुका है और ऐसे में पाकिस्तान के पास में खड़ा होने के लिए कोई भी नही है और भारत से वो अकेला टकराने के काबिल नही है जो उसे बेहद ही कमजोर स्थिति में ला देता है.

भारत का कहना है कि वो इस क्षेत्र में ही नही भविष्य में पीओके में भी दाखिल होकर के अपना कार्यक्षेत्र का विस्तार करेगा. ऐसे में इमरान खान के लिए अपने ही देश के लोगो को जवाब दे पाना मुश्किल हो रहा है. वो खीझ चुके है और परेशान रहने लगे है.