महबूबा और फारूख अब्दुल्लाह पर धारा 370 हटाने के अलावा भी एक और मुसीबत आ चुकी है

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सभी लोग अब समझ चुके है कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 एक इतिहास बन चुका है. आज सवेरे ही अमित शाह ने संसद में आकर के ऐलान किया कि हम इस अनुच्छेद को तिलांजली दे रहे है और कश्मीर भी भारत के बाकी राज्यों की तरह रहेगा. इस राज्य के पास में कोई भी अलग या विशेष प्रकार का अधिकार नही रहेगा. इसके अलावा कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश भी घोषित कर दिया गया है जो वहाँ के नेताओं के करियर को ख़त्म कर देने जैसा है मगर इससे भी बड़ी मुसीबत है जो महबूबा और अब्दुल्लाह साहब के सर पर मंडरा रही है.

महबूबा मुफ़्ती को मिला एसीबी का नोटिस
महबूबा मुफ़्ती को एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से एक नोटिस थमाया गया है जिसके अनुसार महबूबा मुफ़्ती पर सत्ता में रहने के दौरान भ्रष्टाचार और कई तरह से फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप है. महबूबा को इन सारी बातो का जवाब देना होगा और संभव है इसके बाद कोर्ट में उनके खिलाफ कार्यवाही भी हो और अगर वो इस मामले में दोषी पायी जाती है तो जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा. महबूबा का कहना है कि उन्हें इस नोटिस को देखकर के कोई भी हैरानी नही हुई है..

फारूख अब्दुल्लाह भी होंगे चंडीगढ़ को तलब
सिर्फ महबूबा मुफ़्ती के साथ में ऐसा नही हो रहा है बल्कि फारूख अब्दुल्लाह जो आज की तारीफ के कश्मीर के सबसे वरिष्ठ नेता कहे जाते है उन्हें भी चंडीगढ़ तलब किया जा रहा है. उनसे भी कुछ घपलेबाजी के सम्बन्ध में पूछताछ की जायेगी जो उनके लिये इस उम्र में तो बहुत ही बड़ी समस्या होने वाला है. हालांकि फारूख अब्दुल्लाह ने इस पर महबूबा मुफ़्ती की तरह कुछ भी कहा नही है.

संभव है जल्द ही आपको इन पर क़ानूनी कार्यवाही होते हुए देखे और क्योंकि अब कश्मीर के सारे स्पेशल स्टेटस खत्म हो चुके है तो सब कुछ भारतीय क़ानून के मुताबिक़ ही होगा और दोषी पाए जाने पर उसी के मुताबिक़ सजा भी दी जायेगी.