अब नही रहेगी धारा 370, लेकिन असली फैसला तो दूसरा है जिसने सबकी कमर तोड़ दी

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मोदी सरकार इन दिनों अपने पूरे रुबाब में है और इस कदर है कि उसे रोक पाना असंभव प्रतीत होता है. अब ये तो भाजपा के संकल्प पत्र में था ही कि विवादित धाराओं को हटाया जाएगा लेकिन मोदी सरकार ने उससे भी बड़ा कदम उठाया है जो बिलकुल ही अविश्वसनीय है. सुबह से ही केबिनेट्स की मीटिंग चल रही थी जिसके बाद अमित शाह लगभग ग्यारह बजे राज्यसभा में पहुंचे जहाँ पर उनके द्वारा सभी को जानकारी दी जानी थी और उनकी जानकारी के बाद में हर तरफ पूरी तरह से हाहाकार मच गया. चलिए फिर जानते है क्या कुछ हुआ?

सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया और सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी
अमित शाह ने पहले जानकारी दी कि सरकार जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए अपना संकल्प पेश करती है. इसके लिए अब राष्ट्रपति को सिफारिश दे दी गयी है और उनके आदेश के बाद में अब ये धारा हमेशा के लिए हटा दी जानी है. हालांकि इसका एक खंड आंशिक रूप से लागू रहेगा ताकि मानवता बरकरार रखी जा सके.

दूसरा फैसला जम्मू कश्मीर होगा अब केंद्र शासित प्रदेश
सरकार ने एक और फैसला किया है जो अब एक गैर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा यानि अब इस पूरे क्षेत्र के अधिकार केंद्र सरकार के पास में रहेंगे और वहाँ के क्षेत्रीय नेताओ का करियर खत्म हो गया है आप ये भी समझ सकते है. अब जम्मू की पुलिस, शिक्षा से लेकर वहाँ का सब कामकाज फ़ौज और सरकार ही देखेगी इसमें कोई भी किसी भी अन्य प्रकार का दखल नही होगा.

अंतिम फैसला लद्दाख नही रहेगा जम्मू कश्मीर का हिस्सा
सरकार का अंतिम फैसला जिसमे लद्दाख के लोगो की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उसे जम्मू कश्मीर से अलग कर दिया गया है. अब लद्दाख भी एक केंद्र शासित प्रदेश ही रहेगा. यहाँ पर भी कोई विधानसभा नही होगी बल्कि सारा काम केंद्र देखेंगा. पूरे वाकिये के बाद कांग्रेस ने विरोध दर्ज करवाया और पीडीपी सांसद ने अपने कपडे फाड़ने शुरू कर दिए.