कश्मीर पर अमित शाह ने सुना दिया अंतिम फैसला, हर तरफ ख़ुशी की लहर

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कश्मीर पर पिछले लम्बे समय से माथापच्ची चल रही थी, हर कोई सोच समझ नही पा रहा था कि आखिर ये सब चल क्या रहा है? पहले कश्मीर में हजारो की संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती करना, इसके बाद में सभी यात्रियों को एडवायजरी जारी करके कश्मीर से बाहर निकालना और फिर अब तो पूरे जम्मू कश्मीर में धारा 144 लागू करके महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्लाह जैसे बड़े बड़े नेताओं को भी नजरबंद कर दिया गया. ये बेहद ही चौंकाने वाला फैसला था और सवेरे से कश्मीर के 10 राज्यों में इन्टरनेट और केबल सेवाए पूरी तरह से बंद कर दी गयी थी जिसके बाद से तय था कि कुछ बड़ा होने जा रहा है.

सदन में बोले अमित शाह, अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया और राष्ट्रपति से हटाने की सिफारिश हो चुकी है
गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प पेश किया.  राष्ट्रपति से धारा 370 हटाने की सिफारिश कर दी गयी है और इस पर विचार किया जाये. अब सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति कोविंद इस पर एक हस्ताक्षर करके नोटिफिकेशन जारी करेंगे और जम्मू कश्मीर से धारा 370 हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा. इसके बाद हंगामे के चलते सदन स्थगित हो गया.

सदन में बोलने से पहले चला मीटिंगों का दौर
सदन में बोलने से पहले अमित शाह ने कई सारी मीटिंग्स अटेंड की और पीएम मोदी भी उनकी अध्यक्षता में रहे. रक्षा मंत्री राजनाथ कभी इधर आते दिखे तो कभी क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद आते दिखे तो कभी विदेश मंत्री एस जयशंकर. अजीत डोभाल भी इधर ही मंडराते हुए नजर आ रहे थे और हर कोई समझ रहा था अगर सीसीएस और केबिनेट इतने बड़े लेवल पर मीटिंग कर रहे थे तो मतलब कुछ तो है.

विपक्ष और पीडीपी के सांसद करते रहे सुबह से विरोध
जहां पूरे देश में गहमा गहमी चल रही थी वही दूसरी तरफ विपक्ष के नेता जिनमे पीडीपी के सांसद और गुलाम नबी आजाद समेत कांग्रेस के कई बड़े सांसद शामिल थे उन्होंने संसद में प्रदर्शन भी किया उअर राष्ट्रपति से अपना विरोध दर्ज करवाया. हालांकि इन सबका कोई भी मतलब निकला नही क्योंकि वो उतनी समर्थ स्थिति में भी नही है.