अमरनाथ से यात्रियों को एयरफाॅर्स कर रही है एयरलिफ्ट, अजित डोभाल और आर्मी चीफ में गुप्त मीटिंग

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पिछले 48 घंटो में घाटी में जो कुछ भी हुआ है वो किसी से भी छुपा हुआ नही है. ये आम लोगो को ही नही बल्कि महबूबा और उमर अब्दुल्लाह जैसे बड़े बड़े नेताओं की भी नींद खराब कर चुका है. उमर कभी दिल्ली के चक्कर काट रहे है तो महबूबा मुफ़्ती टीवी के सामने आकर हाथ जोडकर सरकार से कुछ भी गलत न करने की विनती कर रही है. वही सरकार और सेना अपने डेवलपमेंट को जारी रखे हुए है. एयरफाॅर्स और आर्मी अलर्ट पर है. सभी यात्रियों को तुरंत कश्मीर छोडकर के जाने के लिये कहा गया है लेकिन अब जो हुआ वो और भी अजीब है.

जो अभी भी कश्मीर में है उन्हें वायुसेना खुद छोड़कर आयेगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गृहमंत्रालय द्वारा जारी एडवाईजरी के बाद भी जो लोग अभी तक कश्मीर और अमरनाथ वाले रूट को छोडकर के नही लौटे है उन्हें एयरफाॅर्स के द्वारा एयरलिफ्ट किया जायेगा और जम्मू कश्मीर से बाहर ले जाकर के छोड़ा जायेगा. संभवतः ये दिल्ली या कोई बड़ा शहर हो सकता है. अब सवाल ये उठता है कि ऐसा क्या है जो सरकार किसी जम्मू कश्मीर के बाहरी व्यक्ति को राज्य में कदम तक नही रखने दे रही है. ये बाते शंका पैदा करने वाली है.

एक टेंट में मिले अजीत डोभाल और विपिन रावत
एक प्रतिष्टित मीडिया समूह ने दावा किया है कि अजीत डोभाल और विपिन रावत दोनों ही अमरनाथ से कुछ ही दूरी पर एक टेंट में मिले थे और इनके बीच में संभवतः कुछ गुप्त मीटिंग भी हुई है. जाहिर है इसके बारे में जानकारी मीडिया को नही दी जायेगी लेकिन ये जो इतना लम्बा और भारी भरकम प्रोसेस हो रहा है और सरकार ने लगभग चुप्पी ही साधे है वो कुछ न कुछ तो कहता है क्योंकि इतना सब ऐसे ही तो नही होता.

पाकिस्तान का अलग ही दावा है और वो इन सब चीजो का विरोध कर रहा है क्योंकि अगर भारत कश्मीर को पूरी तरह से काबू कर लेता है तो पाक के लिये अन्दर इंटर कर पाना या अपने घुसपैठिये भेज पाना लगभग असंभव ही हो जायेगा. खैर बाकी आने वाले कुछ समय में साफ़ हो ही जायेगा.