पहले अपनी बीवी को भगा दिया था, अब तीन तलाक क़ानून आते ही बीवी ने ऐसे सीधा कर दिया

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मोदी सरकार ने बड़ी ही मशक्कत के बाद में तीन तलाक क़ानून को पास करवा दिया जो मुस्लिम महिलाओं को एक नयी ताकत देने वाला है. इसके बाद में अगर कोई मुस्लिम शख्स किसी लडकी से शादी करता है तो बादमे उसे तीन तलाक देने का कोई हक़ नही रहेगा, उसे कानूनी प्रक्रिया से ही गुजरना होगा वरना जेल उसका इंतजार कर रही होगी. अब महिलाओं को जब ये ताकत मिल गयी है तो जो लोग औरत को पाँव की जूती समझते थे जिसे जब मर्जी पहन लो और जब मर्जी उतार दो वो लाइन पर आ गये है और इसका सीधा केस उत्तराखंड में देखने में आया.

14 महीने पहले बीवी को पीटकर और तलाक देने की बात करके घर से भगा दिया था
सहारनपुर की रहने वाली नसीमा की शादी सन 2015 में हर्बतपुर के रहने वाले अब्दुल सलाम के साथ हुई थी. शादी के कुछ समय बाद पति अपनी पत्नी को तंग करने लगा और अब से ठीक 14 महीने पहले उसने अपनी पत्नी को तलाक देने की धमकी देकर के घर से निकाल दिया था इसके बाद से वो अपने मायके में ही रह रही थी. नसीमा की सारी उम्मीदे लगभग लगभग खत्म ही हो चुकी थी.

तीन तलाक क़ानून बनने के बाद माफ़ी भी मांगी, घर पर भी लाया और प्रॉपर्टी में हिस्सा भी दिया
सुप्रीम कोर्ट की वकील फरहा फैज की मदद से नसीमा ने अपने पति और ससुराल वालो पर इस कदर दबाव बनाया कि उनकी हिम्मत जवाब दे गयी. बीवी है तो खर्चा देना पड़ेगा और घर पर रखना पड़ेगा, अगर तीन तलाक दिया है तो जेल जाओ. अगर नही रखना है तो कानूनी मैदान में आ जाओ और गुजारा भत्ता भी दो. ये सब कंडीशन देखकर के अब्दुल सलाम ने अपनी बीवी से माफ़ी मांगी और उसे अपने घर ले आया. यही नही उसके नाम पर प्लाट एक प्लाट भी कर दिया है. इस क़ानून से मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी स्वर्ग हो गयी है.

हालांकि ऐसा नही है कि क़ानून बनने के बाद भी ये सब पूरी तरह से रूक गया है. गत दो दिनों में कुछ एक केस आये है जहाँ पर लडकियों को सऊदी अरब से ही लडको ने तीन तलाक दे दिया है जो वहां पर काम कर रहे थे. ऐसे में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है, उन पर नए क़ानून के तहत कार्यवाही होगी.