पहले कश्मीर में 10 हजार अतिरिक्त जवान भेजे, अब एयरफाॅर्स और सेना हाईअलर्ट पर

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कश्मीर में इन दिनों मामला काफी संवेदनशील नजर आ रहा है क्योंकि ऐसी ऐसी चीजे हो रही है जो आम तौर पर तो कभी भी देखी नही जाती है. इसे लेकर के महबूबा मुफ़्ती से लेकर उमर अब्दुल्लाह तक सब लोग बेहद ही शॉक है और किसी को पता नही है उनके आस पास हो क्या रहा है? पूरे राज्य में बस चहलकदमी बढ़ चुकी है, सुरक्षा बेहद टाइट है और तो और इस पूरे मामले का आप एक तरीके से ये कह सकते है नेशनल मीडिया में मुद्दा भी बन चुका है जिसके बाद से लोगो की जिज्ञासा बढ़ चुकी है कि आखिर ऐसा क्या होगा?

कुछ दिन पहले ही हुई थी 10 हजार अतिरिक्त जवानो की तैनाती
कुछ दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया था जिसके तहत कश्मीर में कुल 10 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किये गये इसमें बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान है और इनका काम जम्मू में क़ानून व्यवस्था और शान्ति को बनाकर के रखना है. ये अपने काम कर रहे है लेकिन इन्हें लेकर के हर तरफ चर्चा बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है क्योंकि अगला स्टेप और अधिक गंभीर है.

अब सेना और एयरफाॅर्स को अलर्ट पर किया गया
इन जवानो की तैनाती के कुछ दिनों के बाद में अब इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफाॅर्स को कश्मीर में अलर्ट पर रखा गया है जिससे मालूम तो यही होता है कि किसी बड़े कारण से ऐसा हो रहा है लेकिन वो कारण क्या है? ये साफ़ साफ खुलकर के कोई भी बताने को तैयार ही नही है और यही कश्मीरी नेताओं के लिए भी चिंता का सबब बना हुआ है.

महबूबा का विरोध तो उमर पहुंचे दिल्ली
महबूबा मुफ़्ती इन सब हो रही एक्टिविटीज का विरोध कर रही है और बार बार कह रही है हमारे कश्मीर से या आर्टिकल 35ए से किसी तरह की कोई भी छेड़छाड़ नही की जाए वरना हम बर्दाश्त नही करेंगे वही बात करेंगे दुसरे सबसे बड़े नेता अब्दुल्लाह की तो वो भी दौड़ते हुए दिल्ली पहुंचे गये और ये चीजे बताती अहि कि कुछ तो अन्दर है जो सामान्य बिलकुल भी नही है.

क्या कहते है राज्यपाल?
फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में सारा कामकाज राज्यपाल सत्यपाल मलिक देख रहे है और उनका कहना है कि ये सब तो होता रहता है इसमें कोई चिंतित होने की बात नही है और फ़िलहाल वो पैतीस ए को हटाने की बात को टाल गये है. हालांकि सरकार क्या करना चाह रही है? ये तो वही जानती है.