उन्नाव केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कुलदीप सेंगर को झटके पर झटका

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उन्नाव में जो कुछ भी हो रहा है वो किसी से भी छुपा हुआ नही है. मामला सालो से चल रहा था और पीडिता के परिवार वाले एक के बाद एक स्वर्ग सिधार रहे थे एल्किन पुलिस को मानो इससे कोई फर्क ही नही पड़ रहा था. गत वर्ष अप्रेल 2018 मे केस वाकई में दर्ज हुआ और जांच शुरू हुई. मीडिया ने मुद्दे को उछाला तो किसी तरह से कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया मगर इसके बाद बावजूद मुसीबते कम नही हुई बल्कि बढ़ गयी. पीडिता के पिता को जेल में डाल दिया और उनकी जान भी वही पर चली गयी. पीडिता की चाची और मौसी भी एक्सीडेंट में चल बसी. वो और उसका वकील खुद अस्पताल में जिन्दगी की जंग लड़ रहे है.

आखिर में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सीबीआई ने संभाली कमान
इतना कुछ बिगड़ गया. लड़की का पूरा परिवार बर्बाद हो गया उसके बाद जाकर सरकार ने सीबीआई को पूरा मामला सौंपा और अब सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर इसपर पहली सुनवाई ली और इसमें लिए हुए कड़े फैसले कुलदीप सेंगर के लिए खतरे की घंटी है. सुप्रीम कोर्ट के आर्डर कुछ इस तरह से है.

  1. इस मामले से जुड़े हुए कुल 5 केस है और सारे के सारे केस यूपी से दिल्ली यानी सुप्रीम कोर्ट में शिफ्ट किये जाते है. इनकी सुनवाई अब यही पर ही होगी.
  2. पीडिता जिसका इलाज यूपी के अस्पताल में चल रहा है उसे चाहे तो एम्स में भर्ती करवा सकते है. उसे एम्स में ले जाना है या नही ये हम परिवार वालो की इच्छा पर छोड़ते है.
  3. युवती की सुरक्षा में जो तीन पुलिसकर्मी तैनात थे उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है.
  4. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सिर्फ 7 दिन का वक्त दिया है. इतने वक्त में के से जुड़े सारे तथ्य और दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट की टेबल पर पेश किये जाए. अधिकारी अगर चाहे तो इसमें सात दिन की मोहलत और भी मांग सकता है.
  5. पीडिता को सरकार अगले 24 घंटे के भीतर 25 लाख रूपये का मुआवजा उपलब्ध करवाए.
  6. इस पूरे मामले की सुनवाई 45 दिनों के भीतर भीतर ही पूरी करनी होगी.

सुप्रीम कोर्ट इस मामले को लेकर के जितना सख्त नजर आ रहा है उसके बाद में एक बात तो साफ़ है कि कुलदीप सेंगर के हाथ से ये मामला निकल चुका है जिस तरह से वो इस केस को कण्ट्रोल करते नजर आ रहे थे वो अब नही कर पायेंगे.