नया बिल पास कराने जा रही है मोदी सरकार, जिससे चन्द्रशेखर आजाद की आत्मा को सुकून मिलेगा

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पिछले मोदी सरकार जो साल 2014 में बनी थी वो काफी मजबूत सरकार थी बहुमत भी था लेकिन अपने एजेंडे के क़ानून पास करवा पाना उनके बस का बिलकुल भी नही था क्योंकि वो राज्यसभा में बहुमत से कोसो दूर थे. ऐसे में मोदी सरकार के लगभग सारे काम ही अटके हुए थे लेकिन अब बीजेपी के पास में राज्यसभा में पूरा बहुमत तो नही लेकिन अपने को समर्थन देने वाली पार्टियो को मिलाकर के तो पूरा बहुमत बैठ ही रहा है जिसके चलते वो तीन तलाक क़ानून पास करवा पाने में कामयाब हुई है और अब एक और बिल है जिसे पास करवाया जाना है.

जलियावाला बाग़ मेमोरियल बिल करवाया जायेगा पास
29 जुलाई को लोकसभा में ये बिल पेश किया गया और वहाँ पर तो बीजेपी का पूओरा बहुमत है इस वजह से उनके लिये बिल पास करवा पाना कोई मुश्किल नही हटा है और अब इसके बाद ये बिल राज्यसभा में रखा जायेगा और इसके पास होने की भी पूरी पूरी संभावनाये है क्योंकि अधिकतर दल इस पर भाजपा का समार्थन कर देंगे. इस बिल को लाने का पर्याय जलिया वाला बाग़ को पूरी तरह से सरकार के अंडर लाकर इसे अच्छी तरह से विकसित करना है.

पुराने क़ानून के मुताबिक़ सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष ही बन सकता है ट्रस्ट का मुखिया
पहले तक सिर्फ कांग्रेस का अध्यक्ष ही मुखिया हो सकता था लेकिन सरकार ने अब इसे बदल दिया है. अब नए बिल के मुताबिक़ जो भी नेता विपक्ष होगा वो सारा कामकाज देखेगा और अगर कोई विपक्ष का नेता नही है तो सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जा सकेगा. भाजपा की दलील है कि कांग्रेस का इस बाग़ पर एकाधिकार नही हो सकता है इसे संसद के अधिकार क्षेत्र में होना चाहिए आखिर उसमे बाग़ में हुए शहीद लोग हम सभी के है  उपर से कांग्रेस ने उस बाग़ पर पिछले लम्बे वक्त से ऐसा कोई काम भी नही करवाया है जिसकी तारीफ़ हो.

क्या है इस बाग़ का इतिहास?
जलियावाला बाग़ अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास में ही मौजूद एक छोटा सा बगीचा है जहाँ सैकड़ो हिन्दुस्तानियों पर अंग्रेजो ने घेरकर गोलियां चलाई थी. चन्द्रशेखर आजाद को अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने की और उन्हें भगाने की प्रेरणा इसी से मिली थी. ये उन्हें जीवन भर कचोटता रहा और उन्हें प्रेरित करता रहा