एक बार फिर से चर्चा में आये विधायक आकाश विजयवर्गीय, इस बार वजह दूसरी है

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आकाश विजयवर्गीय तो आपको याद ही होंगे जिन्हें इंदौर में लोग रोबिनहुड कहने लगे है. भाजपा महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाशविजयवर्गीय के बेटे इंदौर से सांसद कैलाश विजयवर्गीय पहली बार चर्चा में तब आये थे जब उन्होंने अपने एक एक व्यक्ति को बचाने के लिये निगम के कर्मचारियों पर बल्ला चला दिया था और उसके बाद में उन्हें कई दिनों के लिये जेल में भी रहना पडा था. मामले ने काफी तूल भी पकड़ा मगर अब एक बार फिर से वो चर्चा में है और इस बार वजह इसके पीछे की कुछ और है.

महिला पुलिस अधिकारी का ट्रांसफर, आकाश ने लगाया निजी दुश्मनी लगाने का आरोप
सरकारे बदलती है तो जाहिर तौर पर अपनी अपनी पसंद के अफसरों को पास लाया जाता है जबकि बाकियों को दूर धकेला जाता है. अभी हाल ही में पुलिस सूबेदार सोनू वाजपेयी का ट्रान्सफर कर दिया गया और इसके पीछे की वजह सामने लाते हुए आकाश ने आरोप लगाया ‘ सोनू जी ने लोक कल्याण मंत्री सज्जन वर्मा के भतीजे की गाडी को रोका था क्योंकि वो फोन चलाते वक्त गाडी पर बात कर रहे थे.’ उनकी इसी बात से नाराज होकर के अपने रसूख का इस्तेमाल करके सोनू वाजपेयी का तबादला कर दिया गया है. सरकार बदले की भावना से काम कर रही है.

जवाब में क्या बोले अभय वर्मा?
मंत्री के भतीजे अभय वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि मेरे खिलाफ लगाये जा रहे ये सारे आरोप पूरी तरह से गलत है. मेरा सोनू वाजपेयी के ट्रान्सफर में कोई भी हाथ नही है. वो इस पूरे केस से खुदको पूरी तरह से अलग कर रहे है. खैर सरकारे जिसकी हो वो तो अपनी मनमर्जी करता ही है चाहे वो किसी भी पार्टी से तल्लुक्क क्यों न रखता हो?

आपको बता दे जब सोनू वाजपेयी ने अभय वर्मा की गाडी को रोका था तो दोनों के बीच में बड़ी ही तीखी बहस हुई थी और ये बहस इस हद तक बढ़ गयी कि इसके विडियो पूरे मध्यप्रदेश में वायरल हो गये. इसके बाद में अचानक ट्रान्सफर हो जाना संशय तो पैदा करता ही करता हैं.