इन सभी ने योगी से लगायी अपनी गली का नाम बदलने की गुहार, एड्रेस देख लोग समझते है देशद्रोही

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आप कही पर भी जाते है तो आपको अपना एड्रेस प्रूफ दिखाना होता है क्योंकि यही आपकी अपनी पहचान होती है. किसी का एड्रेस सुभाष चौक होता है तो किसी का पाउडर गली तो किसी का महाराणा चौक और तमाम पते होते है जहाँ पर लोग रहते है और जहाँ पर भी जाते है अपना पता पूरे गर्व के साथ में बताते है लेकिन इस देश का एक कोना ऐसा भी है जहाँ पर लोग अपने एड्रेस को लेकर के शर्मिंदा है और वो जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी उस पते को बदलवाना चाह रहे है चलिए फिर जानते है क्या है पूरा मसला?

लोग पाकिस्तान वाली गली कहकर के बुलाते है, कही नही मिल रहा अपनापन
ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के शहर ग्रेटर नॉएडा का है जहाँ पर एक गली है जिसका नाम है पाकिस्तान वाली गली. इस गली में 60 से 70 घर है जिनमे सैकड़ो लोग रहते है और इन सभी के आधार कार्ड पर भी एड्रेस में पकिस्तान वाली गली लिखा हुआ है. इस वजह से लोग उन्हें अलग अलग रखते है और उनके बच्चे नौकरी लेने के लिये भी जाते है तो नही मिलती है. उन्हें अपने देश में ही अपनापन नही मिल रहा जिसके चलते उन्होंने योगी जी से दरख्वास्त की है कि उनकी गली का नाम बदला जाये.

कैसे पड़ा जगह का नाम पाकिस्तान वाली गली?
ये बंटवारे के वक्त की बात है जब पाकिस्तान से कुछ चार पांच लोग भागकर के हिंदुस्तान में आ गये और वो लोग तब इस गली में ग्रेटर नॉएडा में आकर के बस गये. वो पाकिस्तान से आये थे इसलिए उनकी गली को आस पास के लोग पाकिस्तान वाली गली बुलाने लगे और फिर कागजो में भी यही नाम दर्ज हो गया जो आज तक चल रहा है और इस वजह से ये लोग परेशान हो गये है.

इनका कहना है कि इनके पूर्वज 1947 से इसी देश में रह रहे है और ये लोग भी यही पर ही पैदा हुए है. उन्हें अपने देश से प्यार है लेकिन फिर भी उनके एड्रेस को देखकर लोग उन्हें देशविरोधी समझ लेते है इसलिये वो इस एड्रेस को बदलवाना चाह रहे है.