कश्मीर में कूद पड़ा चीन, पाकिस्तान की नयी चाल आयी सामने

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भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशो के बीच में एक मुद्दा है जो शुरू से ही बेहद ही संवेदनशील मसला रहा है और इतना संवेदनशील रहा है कि इसी की वजह से दोनों के बीच में कभी भी शान्ति भरा माहौल ही रह पाया. ऐसी स्थिति में भारत की सीमाओं के अन्दर कश्मीर आता तो है लेकिन पाक लगातार कूटनीति के जरिये विश्व स्तर पर भारत से कश्मीर लेने की कोशिश करता रहता है मगर हर बार नाकामी ही हासिल होती है. मगर अभी हाल ही में पाक अपने जिगरी यार चीन के साथ मिलकर कश्मीर में नया खेल खेलने की सोच रहा है.

भारत और पाक के बीच चल रहे कश्मीर के मसले पर कूदा चीन, कहा मध्यस्थता की जरूरत
चीन की तरफ से 30 जुलाई की सुबह को ही एक बयान जारी करके कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच में चल रहे कश्मीर के मसले पर मध्यस्थता की जरूरत है. इसे डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के समर्थन के तौर पर भी देखा जा रहा है जिसमे उन्होंने कश्मीर पर मध्यस्थता करने की वकालत की थी. चीन उपमहाद्वीप में ठहराव के लिए पाकिस्तान के पक्ष में बोलने की बाते कर रहा है और कश्मीर पर थर्ड पार्टी को बुलाकर उसके जरिये कश्मीर पर निर्णय करवाना चाहता है.

क्या है भारत का रूख?
अमेरिका द्वारा मध्यस्थता की बात कहे जाने पर ही भारत के विदेश मंत्रालय ने इसका खंडन करते हुए कह दिया था कि जब तक पाकिस्तान सुधरता नही है तब तक उससे कोई भी बातचीत नही होगी और रही बात कश्मीर की तो वो हमारा द्विपक्षीय मसला है. भारत के रक्षा मंत्री तो कह रहे है कि कश्मीर पर बात ही क्यों करनी है? हम तो पीओके पर बात करेंगे क्योंकि असली समस्या वो है जिसे पाक ने जबरन हथिया रखा है और उसे भारत में मिलाना है.

चीन अपने निजी फायदों के चलते पाक को सपोर्ट कर रहा है लेकिन ये केवल बाहरी समर्थन है वो कभी भी सामरिक क्षेत्र में भारत से भिड़ने की गलती नही करेगा क्योंकि चीन के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा भारत पर निर्भर करता है और तो और भारत के पास में काफी एडवांस टेक्नोलॉजी भी मौजूद है.