मोदी का फरमान, सारे उच्च सदन के सांसद फटाफट पहुँचो

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भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र में है और कई राज्यों में भी है लेकिन इसके बावजूद कोई भी क़ानून बनवा पाना अभी भी बीजेपी के लिये आसान काम नही है क्योंकि पार्टी के पास अभी भी राज्यसभा में बहुमत नही है. ऐसे में अगर कुछ पार्टियां बीजेपी के साथ आ जाती है तो फिर मदद जरुर हो जाती है लेकिन ये सब इतना आसान भी नही है और आज का दिन यानी 30 जुलाई को भाजपा ने सभी सांसदों को जो भी उनकी पार्टी से राज्यसभा में है उन्हें व्हिप जारी करके हाजिर रहने के लिये कहा है. एक भी छूटने न पाए.

आज तीन तलाक कानून बनाने के लिये परीक्षा की घडी
25 जुलाई को लोकसभा में तीन तलाक बिल पास हो गया था और ये काफी आसान भी था क्योंकि बीजेपी के पास में अपनी खुदकी सत्ता है लेकिन अब ये बिल राज्यसभा में गया है और ऐसे में अगर भाजपा को ये बिल क़ानून में बदलवाना है तो राज्य्सभा से बहुमत लाना ही है इसलिए कम से कम अपने सभी सांसदों को तो उपस्थिति देने को कहा जाये ताकि जितने हो सके उतने वोट अपनी तरफ से लगे और शायद बाहर से कोई समर्थन मिल ही जाए.

पहले हो चुका है फेल तो इस बार क्यों है उम्मीद?
राज्यसभा में सरकार पहले भी बिल ला चुकी है यही वाला लेकिन इसे बहुमत नही मिला और क़ानून नही बन पाया लेकिन इन दिनों बीजेडी और टीआरएस इन दिनों भाजपा के पक्ष में जाते हुए नजर आ रही है. हाल ही में सूचना का अधिकार क़ानून में किया बदलाव जो बीजेपी को राज्यसभा में पास करवाना मुश्किल लग रहा था उसे बीजेडी और टीआरएस के समर्थन से पास करवा लिया गया. अगर एक बिल पास हो सकता है तो हो सकता है आगे भी सपोर्ट मिल ही जाए और इसी उम्मीद के साथ में बीजेपी एक और बार जोर लगा रही है.

अगर ये बिल क़ानून में बदल जाता है तो तीन तलाक देने वाले शौहर को 3 साल की जेल कर दी जायेगी और बिल में उसी प्रावधान का विपक्ष विरोध कर रहा है कुछ तो इसे मुस्लिमो के खिलाफ साजिश भी बता रहे है. खैर जो भी है अब तो बीजेपी की नजर बीजेडी और टीआरएस पर ही टिकी है.