महबूबा मुफ़्ती ने मोदी सरकार को धमकाया, मंच पर खड़े होकर उगली आग

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महबूबा मुफ़्ती के बयान शुरू से ही भारत के खिलाफ में रहे है और इस बात से कोई भी अनभिज्ञ कही से भी नही है. हर किसी को ये बात मालूम है लेकिन क्योंकि वो एक कश्मीरी नेता है तो इस वजह से महबूबा के खिलाफ अभी तक कोई भी कार्यवाही नही हो पायी है. कही न कही कुछ एक मोरल पालिसीज से सरकार के हाथ बंधे हुए ही होते है जब तक कि लोकतंत्र है. अब इस तंत्र के नफे और नुकसान दोनों ही है और दोनों ही अपने ही होते है लेकिन इस बार महबूबा ने काफी कुछ कह दिया है.

आर्टिकल 35 को हाथ न लगाने की दी चेतावनी
एक बार फिर से कश्मीर में आपसी गुत्थमगुत्थी काफी ज्यादा जोर पर है और महबूबा मुफ़्ती ने इस बहती नदी में हाथ भी धो लिए. लोगो को संबोधन के दौरान महबूबा ने कहा ‘ अब धारा 35 ए को  हाथ लगाना बारूद को हाथ लगाने के बराबर होगा. जो भी हाथ इसे हटाने के लिये उठेगा वो हाथ ही नही बल्कि उसका पूरा का पूरा जिस्म ही जलकर के राख हो जाएगा.’ महबूबा मुफ़्ती के इन बयानों के बाद में पूरे कश्मीर में अच्छा ख़ासा बवाल मच गया है और सुरक्षा बलों को परेशानी आती है.

सेना के अतिरिक्त जवानो की तैनाती पर है नाराज
दरअसल महबूबा के इन बयानों के पीछे की वजह है अमित शाह काहाल ही में लिया गया फैसला. गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद में कश्मीर में 10 हजार जवानो की तैनाती और की जा रही है जो पूरे कश्मीर में व्यवस्था को कण्ट्रोल करेंगे और जो भी देश के खिलाफ गतिविधि हो रही होगी उसे रोक देंगे. इसमें बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान शामिल होंगे. इनकी मदद से कश्मीर में शान्ति लाने का प्रयास किया जायेगा क्योंकि सरकार के ढीले छोड़ते ही पडोसी देश के लोग कश्मीरियों के घर में डेरा जमाने लगते है.

अब जब सरकार सख्ती कर रही है ताकि इस कार्यकाल में इस पूरे मसले का हल निकल आये तो महबूबा मुफ़्ती को अपनी राजनीति खत्म होते हुए नजर आ रही है क्योंकि वो इसी मुद्दे पर ही चुनाव लडती आयी है और जीतती भी आयी है. अगर ये सब खत्म हो जाता है तो कश्मीरी अच्छा खाना, पीना और विकास मांगने लगेंगे.