अमित शाह ने लिया ऐसा फैसला, महबूबा बोली ‘हमे डराने की कोशिश की जा रही है’

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कश्मीर शुरू से ही एक बहुत गंभीर मसला रहा हैं. इस समस्या के चलते भारत का कई बार खूब आर्थिक नुकसान तो हुआ ही है साथ ही साथ में भारत के ही फौजियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है. इसके पीछे कही न कही सरकार की कमजोर रण नीति और इच्छा शक्ति को वजह बताया जाता है और कही न कही ये बात सही भी है. अब ऐसे में एक मजबूत नेतृत्व का इन्तजार था जो कश्मीर को काबू कर सके और वो आ भी गया. फ़िलहाल मोदी देश के प्रधानमंत्री है और अमित शाह देश के गृहमंत्री. उन्होंने हाल ही में एक फैसला लिया है जो विरोधियो को रास नही आ रहा.

घाटी में तैनात किये जायेंगे 10 हजार अतिरिक्त जवान, जो पूरे कश्मीर को कण्ट्रोल करेंगे
गृह मंत्रालय की तरफ से फैसला किए गया है कि कश्मीर की घाटी में जो लोग बेकाबू होकर के मनमर्जी करते है उन्हें रोकने के लिये 10 हजार और सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के जवान तैनात किये जायेंगे. बड़ी बात ये है कि इनकी तैनाती अधिकतर आबादी वाले इलाको में ही होगी ताकि किसी भी देशविरोधी या फिर कश्मीरविरोधी गतिविधि को तुरंत ही कण्ट्रोल में लिया जा सके.

महबूबा मुफ़्ती ने कहा, ये हमे डराने की कोशिश
इस फैसले के बाद में कश्मीर में नफरत फैलाने वाले सभी नेता डर के साये में आ गये है और उनमे सबसे बड़ा नाम है महबूबा मुफ़्ती. इस फैसले के बाद में ट्विटर पर अपनी भड़ास निकालते हुए महबूबा मुफ़्ती ने लिखा ‘ जो अतिरिक्त 10 हजार सैनिको की तैनाती का फैसला लिया है वो कश्मीर में डर का माहौल पैदा करने वाला है.कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसे आप सैन्य ताकत और साधन से कभी भी हल नही कर पायेंगे. भारत को अपनी इस नीति पर फिर से विचार करने की सख्त जरूरत है.’ महबूबा मुफ़्ती के अलावा और भी कई नेता है जो इसका विरोध कर रहे है.

क्या है तैनाती का कारण?
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस तैनाती के पीछे का मकसद सिर्फ और सिर्फ आतंक विरोधी ग्रिड को मजबूत करना है. सरकार इस समस्या को जल्द से जल्द जड़ से उखाड़ना चाह रही है. रही बात कश्मीरियों की तो वो शान्ति से अपनी जिन्दगी जिए उन्हें कोई भी परेशान नही करेगा बशर्ते वो गलत कामो में लिप्त न हो.