हर बार अमित शाह कांग्रेस को झटका देने थे, लेकिन इस बार उल्टा हो गया

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राजनीति अपने आप में बड़ी ही अलग किस्म की ही चीज है जहाँ पर आये दिन हम लोग देखते है कोई किसी पार्टी में जाते है तो कोई किसी में और अमित शाह इस तरह की राजनीति के चाणक्य कहे जाते है. कभी किसी राज्य की सरकार ढह जाती है तो कभी किसी राज्य के दर्जनों विधायक भाजपा में शामिल हो जाते है. इन सबके पीछे कही न कही अमित शाह का माइंड बताया जाता है मगर जरूरी नही है हर बार उनकी विजय हो और इस बार उन्हें एक बहुत ही बड़े झटके का सामना करना पडा है.

मध्यप्रदेश में दो बीजेपी विधायक कांग्रेस के पाले में चले गये
जहाँ एक तरफ भारतीय जनता पार्टी दावा कर रही थी कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ ज्यादा वक्त तक सरकार नही चला पायेंगे वही कमलनाथ ने भाजपा के दो विधायको को अपने हिस्से कर लिया है. इनके नाम नारायण त्रिपाठी और शरद कौल है जो भाजपा के पक्ष से जीते थे लेकिन अब इन्होने कांग्रेस के समर्थन में मतदान कर दिया है. इसके बाद में कांग्रेस की मध्य प्रदेश की स्थिरता पक्की हो चुकी है. कमलनाथ आज रात को उनके साथ में डिनर भी करने वाले है जिसके बाद संभवतः उन्हें मंत्री पद भी दिया जा सकता है.

क्या है मध्यप्रदेश का गणित?
मध्यप्रदेश में राजनीति का गणित इन दिनों काफी ज्यादा जटिल है. पूरे राज्य में विधानसभा की कुल सीट्स 230 है जिसमे से बीजेपी को कुल 103 सीट्स मिली है और कांग्रेस 114 सीट्स पर काबिज है. फ़िलहाल कांग्रेस बसपा, सपा और निर्दलीय साथियो के समर्थन के जरिये सरकार चला रही है. अब कांग्रेस की कुल सीट्स 114 की बजाय 116 हो जायेगी क्योंकि बीजेपी के ये दोनों ही विधायक कांग्रेस के सदस्य होने जा रहे है और ऐसा होने के साथ ही कमलनाथ की सरकार को हिला पाना शिवराज सिंह के लिए लगभग असम्भव सा हो जाएगा क्योंकि बीजेपी तो पहले से ही बहुमत से काफी दूर है.

इसे कांग्रेस की एक बहुत ही बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि कर्नाटक से लेकर बंगाल तक बड़े बड़े विधायक और नेता बीजेपी को ज्वाइन कर रहे थे और ऐसे में एक हल्का झोंका भी कांग्रेस की तरफ मुड़ा है तो उसमे अमित शाह को सोचने की जरूरत है.