अब दिल्ली में कोई पुलिसकर्मी भ्रष्ट या बदमाश नही रहेगा, चला अमित शाह का दिमाग

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फ़िलहाल देश की राजधानी नयी दिल्ली अपने विकास के सबसे चरम दौर में है जहाँ पर लगभग दो करोड़ से भी ज्यादा मेहनत मजदूरी कर रहे है, नौकरी कर रहे है और व्यापार चला रहे है. ऐसे समय में उनकी सुरक्षा का पूरा पूरा जिम्मा दिल्ली पुलिस पर होता है. पुलिस अपनी भूमिका बहुत ही बेहतरीन तरीके से निभा भी रही है इसलिए तो दिल्ली का ट्राफिक व्यवस्थित है, अपराध की मात्रा कम है लेकिन सबसे बड़ी परेशानी ये है कि अगर पुलिस में ही कुछ भ्रष्ट लोग या बदमाश लोग घुस आये जो सेवा कम दे और लोगो के लिए परेशानी ज्यादा खड़ी करे तो फिर क्या हो? ऐसे में उनके लिए एक ख़ास नीति तैयार की गयी है.

सब इंस्पेक्टर लेवल तक के पुलिसकर्मियों के रिकॉर्ड खंगाले जायेंगे, उनकी स्क्रीनिंग होगी और दोषियों को जबरन रिटायर कर दिया जाएगा
दिल्ली पुलिस फिहाल गृह मंत्रालय के अंडर आती है और उडती हुई खबर आयी है कि ऊपर के अधिकारियों से आर्डर आ चुके है कि दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर लेवल तक के कर्मचारियों के रिकार्ड्स चेक हो, उनकी स्क्रीनिंग की जाए. अगर वो मापदंडो पर खरे नही उतरते है जो बनाये गये है तो उन्हें रिटायरमेंट लैटर पकड़ा दिया जाये.

मापदंडो से यहाँ पर मतलब उनके अन्दर पुलिस प्रोफेशनलिज्म, लोगो की मदद करने की भावना, भ्रष्टाचार से मुक्त हो. कुछ मोटी मोटी बाते यही है. अगर इन चीजो को ठीक तरीके से इम्प्लीमेंट कर पाने में पुलिस विभाग कामयाब हो जाता है तो दिल्ली में लोगो के बीच पुलिस को लेकर के राय बदलते हुए भी देर नही लगेगी. खैर जो भी है इसके परिणाम तो आने वाले समय में या फिर कहिये कुछ ही महीने में पता लग जाने हैं.

योगी आदित्यनाथ के रवैये से है प्रेरित
योगी आदित्यनाथ भी इन दिनों यूपी में ऐसा ही रूख अख्तियार किये हुए है. उन्होंने सही ढंग से काम न करने की वजह से अब तक दर्जनों अफसरों और सैकड़ो कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट दे दिया है इसमें काफी संख्या पुलिस विभाग से  भी है. दिल्ली में भी उसी नीति पर काम करने की तैयारी है.