इमरान खान के साथ मिलकर मोदी के खिलाफ साजिश कर रहे थे ट्रम्प, पड़ गया खुद पर ही भारी

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं और उनके अमेरिका में जाने के पीछे का कारण भी है. पाकिस्तान को पहली तो आर्थिक सहायता की जरूरत है क्योंकि पाक की हालत बेहद ही खस्ता हो चली है और ऐसे में अमेरिकी डॉलर ही उसका बेडा पार लगा सकते है. ये बात सभी जानते और समझते भी है. खैर ये तो पाकिस्तान का अपना मसला है जिसे वो सुलझा रहा है लेकिन एक और परेशानी है जो पाक के साथ में है और वो है कश्मीर जिसके पीछे ही पाक इतने दशको से बर्बाद हो रहा है लेकिन अब भी नही मान नही रहा है.

डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया बयान ‘मोदी मुझसे करवाना चाहते है कश्मीर पर मध्यस्थता’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक बयान दिया जिसमे उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चाहते है कश्मीर मसले पर मैं उनके और पाकिस्तान के बीच में मध्यस्थता करूँ. ऐसा वो मुझसे कह भी चुके है. ये सारे बयान उन्होंने इमरान खान से मिलने के बाद कहे है जो जाहिर तौर पर बताता है कि ये सब बाते इमरान से ही प्रभावित रही होगी.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत किया खंडन
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बिलकुल देर नही लगाई और साफ़ साफ़ कह दिया हमारी तरफ से ऐसी कोई भी बात नही कही गयी है. विदेश मंत्रालय की तरफ से साफ़ कर दिया गया है कि भारत अपनी और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने में खुद ही सक्षम है उसे किसी तीसरे व्यक्ति की इस मामले में तो कत्तई जरूरत नही है. विदेश मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में इन बातो को और ट्रम्प के पूरे के पूरे बयान को ही खरिच कर दिया है जिसके बारे में शायद डोनाल्ड ट्रम्प को अनुमान नही रहा होगा.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय को बादमे देनी पड़ी सफाई
डोनाल्ड ट्रम्प के इस तरह के बयान के बाद में अमेरिकी विदेश मंत्रालय को बचाव की मुद्रा में आना पडा और कहना पडा कि ऐसा कुछ भी नही है. कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है. भारत और पाक के बीच में सफल वार्ता तभी हो सकती है जब पाक अपनी जमीन पर पल रही गलत चीजो के खिलाफ कार्यवाही करे.