अमित शाह कश्मीरी पंडितो के लिये लाये खुशखबरी, महबूबा मुफ़्ती हो जायेगी परेशान

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भारतीय जनता पार्टी के अस्तित्व में आने और उनके चुनाव जीतने के पीछे एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है जिसपर इस पार्टी ने स्टैंड लिया है कि हम कश्मीरी पंडितो के साथ खड़े है और उन्हें न्याय दिलाने के लिये जो कुछ भी किया जा सकता है वो करेंगे. ऐसे में मोदी सरकार 2014 में बनी लेकिन उतना ज्यादा बड़ा काम कश्मीर के मसले पर हो नही सका लेकिन जब 2019 में अमित शाह देश के गृहमंत्री बने तो लोगो को उम्मीद जगी कि इस मसले का हल हो सकता है और वाकई में ऐसा ही कुछ होने भी जा रहा है.

कश्मीर में पंडितो के पुनर्वास हेतु बनाया जाएगा सुरक्षित रिहायशी क्षेत्र
अमित शाह ने हाल ही में कश्मीर डिवीजन से जुड़े अधिकारियों और कई सैन्य अधिकारियो के साथ मिलकर के एक योजना तैयार की है जिसके तहत कश्मीर से भगाये गये पंडितो को दुबारा से बसाने का प्रयास किया जाएगा. ये संभवतः बाकी कश्मीरियों से कटा हुआ, अलग और सैन्य सुरक्षा के नजदीक वाला क्षेत्र होगा क्योंकि जो कुछ भी पहले हुआ उसके बाद फिर से पंडितो को सिविलियन इलाको में ऐसे ही छोड़ देने की रिस्क तो नही उठाया जा सकता है.

हालांकि ऐसा ही एक पुनर्वास से जुडा काम 2015 में सामने लाया गया था लेकिन उसमे कई खामिया थी और ये उतना प्रभावी नही था जिसके चलते उस पर काम भी रूक गया था. अब अमित शाह ने इस पर दुबारा से काम किया है और रिपोर्ट्स कहती है इस सरकार के कार्यकाल के अंत तक कश्मीरी पंडितो को दुबारा से बसाने का अधिकतम काम पूरा भी कर लेगी जो अपने आप में एक बेंचमार्क साबित हो सकता है अगर ऐसा कुछ होता है क्योंकि आज से पहले ऐसा कभी यहूदियों के अलावा किसी और के साथ नही हो सका है.

विश्व के इतिहास में महज एक यहूदी समुदाय ही है जिन्हें उनकी जमीन से भगाया गया था और फिर उन्होंने दुबारा लौटकर के अपनी जमीन यानी इजरायल पर कब्जा कर लिया. अगर कश्मीरी पंडित जिनकी संख्या लाखो में है वो दुबारा सरकार की मदद से कश्मीर में बसते है तो ये दुनिया की दूसरी बड़ी कौम होगी जो दुबारा अपनी जमीन हासिल करेगी.