अमेरिका में पहुँचते ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हुए जलील, भारी वाली बेज्जती हो गयी

530

पाकिस्तान इन दिनों कैसे आर्थिक संकट से जूझ रहा है ये बात किसी से भी छुपी हुई नही हैऔर सभी जानते है उगते हुए सूरज को तो सभी सलाम करते है मगर डूबते हुए सूरज की तरफ कोई आँख उठाकर के भी नही देखता है. ऐसा ही कुछ इन दिनों पाकिस्तान के साथ में भी हो रहा है. हाल ही में पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका पहुंचे और यहाँ पर जाकर उनका मकसद संभवतः अपने देश को खड़ा करने के लिये कुछ मदद जुटाना था लेकिन अमेरिका ने पाक के पीएम के आते ही अपने लक्षण बता दिये है.

एयरपोर्ट पर लेने न कोई अधिकारी आया न कोई कार, मेट्रो में बैठक जाना पडा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कट्टर एयरवेज के प्लेन से अमेरिका में पहुंचे तो एयरपोर्ट पर उनकी अगुवाई करने के लिए कोई भी अमेरिकी अधिकारी तक मौजूद नही था. उनके लिये कोई सरकारी कार तक नही पहुँची जो उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचा सके जिसके बाद में वो और उनका दल अमेरिका की मेट्रो में सवार हुआ और आगे की तरफ निकल गया. पाक के प्रधानमंत्री को जिस तरह से अमेरिकी प्रशासन द्वारा पूरी तरह से इग्नोर कर दिया गया उससे बुरा बर्ताव भला पाक के प्रधानमंत्री के साथ क्या हो सकता है?

इमरान क्यों गये है अमेरिका?
इमरान खान के अमेरिका जाने के पीछे का लक्ष्य भी वही है जो पिछले प्रधानमंत्रियो का रहा है. अमेरिका से मदद लेना. पाकिस्तान का लक्ष्य फ़िलहाल अमेरिका की तरफ से रोकी गयी काफी सारी आर्थिक मदद को बहाल करवाना और अमेरिका को अपने भरोसे में लेना है ताकि उसे दुबारा से कुछ अरब डॉलर मिल सके और कुछ और साल का गुजारा किया जा सके. ये अपने आप में बेहद ही चौंकाने वाला है कि पाक के पास पैसो की इतनी कमी आन पड़ी है कि पीएम इमरान को सभी लग्जरी सुविधाओ का त्याग करना पड़ा है.

उनके आवास की कई कारे बिकी है, मवेशी बिक चुके है और तो और उन्हें कट्टर एयरवेज की इकॉनमी क्लास में बैठकर के सफ़र करना पड़ रहा है. ये किसी देश के प्रधानमंत्री की सबसे बुरी हालत है. अगर अब इस दौरे से इमरान खान कुछ जुगाड़ कर पाने में कामयाब नही हो पाते है तो पाक को बुरे हालातो का सामना करना पड़ेगा.