मोदी का जलवा, चीन ने पहली बार इस काम के लिये मांगी भारत की मदद

576

दुनिया में इन दिनों टकराव का सबसे बड़ा कारण कुछ है तो वो है अर्थव्यव्स्था. हर देश चाहता है उसकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़े मगर ऐसे में उसे अन्य देशो की मदद भी पड़ती है और ख़ास तौर पर अमेरिका की क्योंकि ये विश्व का सबसे अमीर और बड़ा बाजार है. अगर अमेरिका किसी से पल्ला झाड ले तो उसके लिये मुसीबत आना तय है और ऐसा ही कुछ इन दिनों चीन के साथ में हो रहा है. अमेरिका और चीन के बीच में व्यपारिक लड़ाई छिड़ गयी है जिसमे चीन को अरबो रूपये का घाटा हो रहा है.

अमेरिका ने चीनी कम्पनी बैन कर दी, व्यापारिक शुल्क बढ़ा दिये
अमेरिका ने चीनी उप्तादो पर शुल्क काफी ज्यादा बढ़ा दिए है, उनके अमेरिका में प्रवेश करने पर भी कई ज्यादा जटिलताये बढ़ा दी गयी है. यही नही हद तो तब हो गयी जब चीन की सबसे बड़ी कम्पनियों में से एक मल्टीनेशनल कम्पनी हुवावे को तो अमेरिका ने बैन ही कर दिया. इसका प्रभाव चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है और चीन के निर्यात को भविष्य में भारी गिरावट देखनी पड़ सकती है जो उसकी एक बड़ी जनसँख्या को पालने पोसने में सबसे बड़ा रोड़ा हो सकती है.

मुश्किल वक्त में चीन ने मांगी भारत से मदद
वैसे कई मुद्दों पर चीन लगातार भारत के खिलाफ रहा है लेकिन ऐसी हालत में विश्व का सबसे बड़ा बाजार और एक बड़ी अर्थव्यवस्था भारत ही उसकी मदद कर सकता है. चीन ने कहा है ‘ वह व्यापारिक असंतुलन को लेकर भारत की चिंताओं को समझता है और इस सम्बन्ध में वो उससे बातचीत करने के लिए भी तैयार है.’ चीन ने भारत से अपील की है कि वो व्यापार में अमेरिका के एकपक्षीयता और संरक्षणवाद के खिलाफ चीन और उसके सहयोगी देशो के साथ में खड़ा हो. चीन इसके लिये जो चाहे वो करने को तैयार है.

चीन ने ऐसा पहली बार किया है जब वो इतने बड़े स्तर पर भारत की मदद कर रहा है और इसके पीछे की वजह है नरेंद्र मोदी द्वारा किये गये इकनोमिक रिफॉर्म्स जो अगले कुछ सालो में भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने जा रहे है. इसके बाद भारत अमेरिका को न सही लेकिन यूरोप के अधिकतर देशो को सीधे आर्थिक तौर पर चेलेंज करने की स्थिति में आ जाएगा और ऐसे में चीन इसी स्थिति को भुनाने के लिये भविष्य के लिये भारत का साथ मांग रहा है.