प्रधानमंत्री मोदी को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस, बहुत बड़ा पंगा हुआ है

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देश के प्रधानमंत्री को नोटिस भेजना तो काफी दूर की बात है कोर्ट अक्सर सरकार या फिर प्रधानमंत्री पर बिना वजह से के टिपण्णी भी करने से बचते है ताकि दोनों ही लोकतंत्र के खम्भों में कोई टकराव न हो लेकिन लगता है आज से कई दशक पहले इंदिरा गांधी के साथ में जो हुआ था वो इतिहास फिर से दोहराया जा रहा है. हालांकि तब तो इंदिरा गाँधी पर चुनाव लड़ने पर ही बैन लगा दिया गया था. यहाँ अभी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा है लेकिन नोटिस भी बीजेपी के लिये थोडा सा चिंता का सबब जरुर बना है.

तेज बहादुर ने दायर की याचिका, हाई कोर्ट ने भेज दिया नोटिस
तेज बहादुर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमे उसके वकील का कहना है ‘ तेज बहादुर सपा के टिकट पर चुनाव लडे थे. नामांकन पत्र में गलत जानकारी देने की बात कहकर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. उन्हें कुछ करने का वक्त भी नही दिया गया जबकि कानूनन 24 घंटे मिलने होते है.’ तेज बहादुर की तरफ से आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों पर सीधे प्रधानमंत्री द्वारा दबाव बनाया गया और उसे नामांकन दाखिल करने से ही रोक दिया गया.

हाई कोर्ट ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया और जज ने आदेश दे दिया कि प्रधानमंत्री मोदी को नोटिस भेजा जाये. इसके अलावा ये नोटिस दो अखबारों में भी प्रकाशित किया जाये. इस नोटिस के बाद में संभवतः पीएम या सरकार का वकील इस मामले की पैरवी करने के लिए जाए लेकिन कोर्ट में इतनी ताकत है कि वो पीएम को भी हाजिर कर सकता है तो ऐसे में अगर नोटिस निकला है तो दूर तक जाएगा. इस फैसले के बाद में तेज बहादुर और उसके पक्ष में काफी ख़ुशी का माहौल है.

वही चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि तेज बहादुर ने अपनी बीएसएफ से बर्खास्तगी की बात छुपाई थी. उसके कई दस्तावेज भी ठीक नही थे जिसके चलते वो चुनाव लड़ने के लिए योग्य था. प्रधानमंत्री मोदी इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नही है.