ममता बनर्जी और शरद पंवार को लगा बड़ा झटका, लोग बोले ‘किस्मत फूट गयी’

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देश में जहाँ एक तरफ कई बड़े बड़े नेता उभर रहे है वही कई नेता है जिनके करियर का सूरज अस्त होता चला जा रहा है. वो अपने करियर ग्राफ में अब तक की सबसे भारी गिरावट का सामना कर रहे है ये दिखाई भी दे रहा है जिसमे मायावती और शरद पंवार जैसे बड़े बड़े दिग्गज नेता शामिल है. मोदी द्वारा उनके वोट बैंक में सेंध लगाना और उनका जनाधार लगातार खिसकना तो अभी उनसे बर्दाश्त हुआ ही नही था कि चुनाव आयोग ने अब जले पर नमक अलग से छिडक दिया है. ये अपने आप में बहुत ही बड़ा झटका है.

चुनाव आयोग ने भेज रहा है नोटिस, छिन सकता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग ने कुल तीन पार्टियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है जिसमे पहले नम्बर पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी, दुसरे नम्बर पर शरद पंवार और तीसरे नम्बर पर सीपीआई है. इन तीनो को नोटिस भेजकर के पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा और साथ ही साथ में कहा जायेगा कि ये पार्टियां अब राष्ट्रीय पार्टी होने के मानको पर खरी नही उतरती है जिसके चलते इनसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छीन लिया जाना चाहिये. इसके बाद में ये तीनो क्षेत्रीय पार्टियां ही रह जायेगी.

ऐसा क्यों कर रहा है चुनाव आयोग?
दरअल निर्वाचन प्रतीक आदेश 1968 के अनुसार किसी भी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तब ही दिया जा सकता है उसके लोकसभा या फिर विधानसभा के उम्मीदवार चार राज्यों में कम से कम छः प्रतिशत तक वोट हासिल करे. इन पार्टियों के पास में लोकसभा में कम से कम 4 सांसद भी मौजूद होने चाहिए. इसके अलावा लोकसभा सीट्स दो प्रतिशत हासिल की जानी जरूरी है जो कम से कम तीन राज्यों से आये. अब इन मानको पर ये तीनो ही पार्टियां इन मानको पर खरी नही उतरेगी तो उनका ये दर्जा खत्म हो सकता है.

ऐसा होने पर ममता बनर्जी और उनके शरद पंवार का स्टेटस बहुत ही ज्यादा गिर जाएगा और वो राष्ट्रीय स्तर के नेता नही कहलायेंगे. इससे पहले बसपा को भी 2014 में ऐसा ही नोटिस भेजा था जिसके बाद मायावती पर संकट गहराने लगा था लेकिन जैसे तैसे जोड़ तोड़कर मायावती ने अपनी पार्टी को बचा लिया.