राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दे दिया, हिन्दू पक्ष में ख़ुशी का माहौल

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राम मंदिर देश में पिछले तीन दशक से ऐसा मसला बना हुआ है जिससे करोडो लोगो की आस्था जुड़ गयी है. हर पक्ष चाहता है अयोध्या की ये विवादित जमीन उन्हें ही मिले जिसके चलते कोर्ट पर भी अच्छा खासा दबाव रहा. हाई कोर्ट के फैसले पर ऐतराज जताते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट में भेजा गया जहाँ पर ये सालो से लटका हुआ है लेकिन अब लगता है इसका हल काफी नजदीक आ गया है. चलिए फिर जानते है सुप्रीम कोर्ट ने आज कोर्ट में ऐसा क्या फैसला लिया है जो मंदिर बनने की उम्मीद फिर से जाग उठी है?

25 तक सौंपो रिपोर्ट और 2 अगस्त से रोजाना सुनवाई पर होगा फैसला
सुप्रीम कोर्ट में रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक मध्यस्थता पैनल का गठन किया था जिसका काम सभी के बीच मध्यस्थता करके मामले को सुलझाना और कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंपना था. कोर्ट ने कहा है 25 जुलाई तक पैनल ने जो भी काम किया है उसकी रिपोर्ट सौंपी जाए और अब हम 2 अगस्त से हर रोज इसकी सुनवाई करेंगे या फिर नही इस पर फैसला किया जाएगा. हर रोज का मतलब है प्रतिदिन, कोर्ट की छुट्टी को छोडकर के हर दिन राम मंदिर पर बहस होगी, सबूत पेश किये जायेंगे और जल्द से जल्द इस पर फैसला किया जा सकता है.

कितना जल्दी आ सकता है फैसला?
इस रिपोर्ट के आने के बाद में सबसे पहले रिपोर्ट को रिव्यू किया जाएगा जिसके बाद शुरूआती स्तर से सभी पक्षों को सुना जाएगा, हाई कोर्ट के आदेश को भी रिव्यू किया जा सत्कता है और इसके बाद में समझौता करवाने की कोशिश होगी, संभव न होने पर मामला खिंच भी सकता है जिसके बाद कोर्ट को अधिक पुख्ता सबूतों वाले पक्ष को ज्यादातर जमीन सौंपनी होगी जो कि अभी हिन्दुओ के पक्ष में अधिक है. हो सकता है उस फैसले पर अपील का रास्ता खुला हो तो ऐसे में अपील दुबारा सुप्रीम कोर्ट में ही की जा सकती है तो समभव है उसे खारीच कर दिया जाए क्योंकि बड़ी मुश्किल से तो फैसला हुआ है.

अगर इस पूरे प्रोसेस को देखे तो कम से कम रोजाना सुनवाई होने की दशा में भी 3 महीने का समय या फिर उससे भी अधिक लग सकता है. खैर लोग तो यही कह रहे है तीन महीने में भी हो जाए तो भी बड़ी बात है क्योंकि अब नही हुआ तो तीस साल में भी नही हो सकेगा.