गुजरात में शाह ने कांग्रेस को वो झटका दिया है जिसे वो कभी संभाल नही पायेंगे

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कांग्रेस जितना संभलने की कोशिश कर रही है बीजेपी अपनी कूटनीति से उनकी पार्टी को उतना ही ज्यादा धकेल रही है और इस हद तक धकेल चुकी है कि कभी सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस अब हाशिये पर धकेली जा चुकी है. इतने बुरे स्तर पर जाने के बाद में भी अब भी बदकिस्मती कांग्रेस का पीछा नही छोड़ रही है क्योंकि कांग्रेस पार्टी जिन लोगो को लेकर के भविष्य के सपने बुन रही थी वो खुद ही भाजपा का दामन थाम रहे है और इससे बड़ा नुकसान उनकी पार्टी के लिए कुछ और हो नही सकता है.

अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह ने थामा बीजेपी का दामन
कभी कांग्रेस के भविष्य की नींव कहे जाने वाले अल्पेश ठाकोर और धवल सिंह दोनों ने ही एक भव्य समारोह में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. हालांकि कांग्रेस से तो वो पहले ही कट चुके थे और उसके बाद से ही कांग्रेस अपने ही इस नेता पर निशाना साध रही थी. अल्पेश ठाकोर फ़िलहाल गुजरात में ठाकोर समाज का तो सबसे बड़ा चेहरा है ही, साथ ही साथ में ओबीसी युवा वर्ग में भी अच्छी खासी पैठ है जिसके चलते उनका बीजेपी में शामिल होना कांग्रेस के लिए काफी बड़ा झटका है.

राज्यसभा चुनावों में भी अल्पेश ने की थी क्रॉस वोटिंग
अल्पेश ठाकोर पर पहले ही कांग्रेस में रहते हुए भी अपनी पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा था. यही नही अल्पेश ठाकोर ने अभी हाल ही में गुजरात में हुए राज्यसभा चुनावों में भी भाजपा के प्रत्याशियों को वोट करके उन्हें जिताया था. इसके बाद में ये चर्चाये तेज हो गयी थी कि वो बीजेपी में शामिल हो सकते है और आखिर में ऐसा ही हुआ. अल्पेश के बीजेपी में आने से बीजेपी का जनाधार कुछ बढ़ गया है लेकिन कांग्रेस के लिए ये सरदर्द का विषय है.

इसे बीजेपी की शाह नीति कहा जाता है. अमित शाह को यूपी से लेकर बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों में भी कई बड़े बड़े कद्दावर नेताओं और विधायको को अपनी पार्टी में मिला लेने में माहिर बताया जाता है. वो इसी वजह से बीजेपी के चाणक्य भी कहे जाते है.