कुलभूषण जाधव पर ‘अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय’ का फैसला आ ही गया

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कुलभूषण जाधव जो इन दिनों में भारत और पाकिस्तान दोनों के बीच में सबसे बड़ा खींचतान का मुद्दा बना हुआ है. बेसिकली अगर आपको इस सम्बन्ध में जानकारी  हो तो बता दे कुलभूषण जाधव एक भारतीय नागरिक है जिसे भारत के दावे के अनुसार पकिस्तान के द्वारा ईरान से पाक की एजेंसी के द्वारा अगवा कर लिया गया और इसके बाद में पाक ने कुलभूषण को भारत का एजेंट बताकर के उसे सताना शुरू कर दिया. उसे जेलों में रखा गया और अपने ही बंद कोर्ट में उस पर मुकदमा चलाकर उसे फ़ासी की सजा भी सुना दी.

भारत पहुंचा इंटरनेशनल कोर्ट, आया ऐतिहासिक फैसला
अपने नागरिक कुलभूषण जाधव की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए भारत ने पाक के कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में याचिका दायर की. काफी लम्बे समय तक मामला कोर्ट में चला भी और आखिरकार भारत के पक्ष में फैसला भी आया. कोर्ट में कुल 16 जज मौजूद थे जिन्होंने भारत और पाक दोनों की दलीले सुनने के बाद उनमे से 15 जजो ने भारत के पक्ष में फैसला दिया है. उन्होंने कुलभूषण जाधव को दी जा रही फ़ासी पर रोक लगा दी है. इसके अलावा उसे काउंसलिंग भी दी जाए, उसका नये सिरे से ट्रायल किया जाये जिसमें कोई भी पक्षपात न हो. ये अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का आदेश है.

कितना मान्य है ये फैसला?
कई बार अमेरिका ने इस कोर्ट के फैसले को नकारा भी है लेकिन पाकिस्तान अभी उस हैसियत में नही है कि वो यूनाइटेड नेशन की किसी संस्था के आदेश को नकारने की हिम्मत कर सके. ऐसे में इस बात की तो गनीमत है कि फ़िलहाल के लिए कुलभूषण जाधव की जान पाकिस्तान नही ले पायेगा मगर अभी भे उसके सर पर से ख़तरा टला नही है क्योंकि वो अभी भी उनकी ही गिरफ्त में है जहाँ से उसे निकालना बहुत ही बड़ा चेलेंज है.

सुषमा स्वराज ने इस फैसले के बाद में इसे भारत की बहुत ही बड़ी जीत बताया है. पूरे 15 जजों का भारत के पक्ष में फैसला देना पाकिस्तान को बेनकाब कर देने के लिये काफी है तो अभी समय है और आगे देखना होता है कि क्या कुछ हो पाता है?