साक्षी मिश्रा के भाई ने जो अपील की है, उससे कई सारे राज खुलते है और सच्चाई पता लगती है

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इन दिनो बरेली विधायक सबसे अधिक चर्चा में है क्योंकि उनकी बेटी ने शादी की है और वो अपनी मर्जी से की है. हालांकि मीडिया ने इस पूरे मसले को गलत रूख देने में कोई कोर कसर नही छोड़ी है और ये अपने आप में काफी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि इसमें सिर्फ और सिर्फ एक पक्ष दिखाया गया जबकि जिनपर आरोप लगे उन्हें तो मानो पूरी तरह से दबा ही दिया गया और ये अपने आप में शंका पैदा करने वाला है मगर इन सबमे साक्षी के भाई विक्की भरतौल की बात कई सारे झूठे आरोपों को काटने का काम कर रही है.

क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बरेली के माननीय विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने शादी कर ली. जिससे साक्षी ने शादी की उसका नाम अजितेश है और रपट के अनुसार वो दलित समुदाय से आता है. साक्षी ने विडियो जारी कर आरोप लगाये थे कि क्योंकि अजितेश दलित समुदाय से आता है तो घर वाले उनके पीछे पड़े हुए है और उन्हें शादी करने के बाद में परेशान कर रहे है. साक्षी ने घर वालो पर काफी गंभीर आरोप जैसे पढ़ाई न करने देने जैसे भी आरोप लगाये है.

भावुक होकर रोने लगे विक्की, बहन के आरोप गलत
पिता तो इस मामले पर सफाई दे ही चुके है मगर साथ ही साथ में उनके भाई विक्की भरतौल ने भी अपनी तरफ से खुलकर के बात रखी. विक्की कहते है अजितेश ने दोस्त बनकर के ऐसा काम किया है कि कोई भी इन्सान दोस्त बनाने से पहले सोचेगा. विक्की ने ये भी कहा मेने अपनी बहन का खूब ख्याल रखा, उसे पढ़ाई करनी थी तो मेने उसकी मर्जी के पत्रकारिता के कोर्स में एडमिशन दिलवाया. मैंने ही उसे फोन दिलवाया उसके लिए पिता से डांट खाई. मैंने उसे इंटर्नशिप के लिए घर पर बात की. मेरी अपनी बहन से सबसे ज्यादा बनती थी लेकिन फिर भी उसने मुझे ये सब नही बताया. विक्की ने अपील भी की कि इसे राजनीतिक न बनाये, इस मामले को यही पर दबा दे तो बेहतर होगा.

क्या निकलता है परिणाम?
इसके दो पक्ष हो सकते है एक तो ये कि अब जनरेशन गेप परिवार में सबसे बड़ी समस्या है जिसके चलते बच्चे और माँ बाप में बनती नही है और ऐसे में वो उनसे उलट कदम भी उठा लेते है, साक्षी के साथ में जो कुछ भी हुआ वो भी उसी का परिणाम नजर आता है मगर यहाँ विक्की या फिर राजेश मिश्रा की बातो को भी नजरअंदाज नहे किया जाना चाहिए जिस तरह से मीडिया कर रहा है क्योंकि एक परिवार के नाते उनकी चिंता जायज है. हालांकि क़ानूनन साक्षी या अजितेश ने कोई गलती नही की है मगर परिवार का मसला है तो परिवार में ही निपट जाए उतना बेहतर है.