अब मकान मालिको की दादागिरी होगी खत्म, मोदी सरकार ला रही है नया क़ानून

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आम तौर पर जब भी कोई व्यक्ति दुसरे शहर में नौकरी करता है तो वो हर जगह पर अपना खुदका मकान तो नही ले सकता है या फिर कही कोई पढ़ाई करने के लिए भी जाता है तो उसे दुसरे शहर में किराए पर ही मकान लेना होता है. ऐसे में कई बार मकान मालिक और किराएदार के बीच सब ठीक चल जाता है लेकिन कई बार आपस में झगडा हो जाता है. कभी बिजली के बिल को लेकर, कभी खाली करने को लेकर तो कभी किराए को लेकर लेकिन अब जो मोदी सरकार करने जा रही है. ये काफी ज्यादा बड़ा बदलाव होने जा रहा है.

सरकार पेश करेगी संसद में मॉडल किरायेदारी क़ानून का ड्राफ्ट
सरकार संसद में एक मॉडल किरायेदारी पर बिल पेश करने जा रही है जिस पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. ये देश में लगातार मकान मालिको और किरायेदारो के बीच होने वाले टकरावो को रोकने के लिए लाया जा रहा है. इससे दोनों के ही हित बचे रहेंगे तो चलिए फिर पॉइंट्स के अनुसार जानते है इस बिल में क्या कुछ ख़ास होने जा रहा है?

  1. रेंट अग्रीमेंट किये जाने के बाद में किसी भी सूरत में किरायेदार को उस अविधि तक नही निकला जा सकेगा जिस अवधि तक का अग्रीमेंट किया गया है.
  2. अब मकान मालिक को सिर्फ दो महीने का एडवांस किराया लेने का ही अधिकार होगा. इसके अलावा उन्हें एक भी रूपया अधिक लेने की इजाजत नही होगी. अगर वो लेते है ये तो गैर कानूनी माना जाएगा.
  3. अगर मकान मालिक को किरायदार के घर या प्रॉपर्टी में आना है तो इसके लिए उसे 24 घंटे पहले लिखित में सूचना देनी होगी. ये सूचना ईमेल के जरिये भी दे सकते है.
  4. अगर दोनों ही पक्षों के बीच में कोई भी विवाद होता है तो वो बाहर निकालने को नही कह सकते है और न ही बिजली या पानी की सुविधा बंद कर सकते है.
  5. रेंट अग्रीमेंट का जो भी पीरियड तय हुआ है उस दौरान किराये का पैसा बढाने की अनुमति नही दी जायेगी.
  6. रेंट अग्रीमेंट खत्म होते ही किरायेदार को तुरंत प्रॉपर्टी को खाली करना होगा और अगर ऐसा नही होता है तो उसे कानूनन मकान मालिक को चार गुनाया किराया देना होगा.

इस ड्राफ्ट में और भी कई सारे नियम जोड़े जा रहे है जिससे मकान और किरायेदार दोनों हीअपनी अपनी हद में रहे और कोई भी किसी पर हावी न हो. अगर कोई भी नियमो को तोड़ने का दोषी होगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी.