मायावती ने उठाये देश की जनता के सामर्थ्य पर ही सवाल, पीएम मोदी पर कर दी ऐसी टिपण्णी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों देश के लिए बहुत ही बड़ा विजन लेकर के चल रहे है जहाँ पर लोग एक बहुत ही बड़ी अर्थव्यवस्था में जीवन जिए और उनके लिये काम करना, जीना और रोजगार पाना आसान हो इसके लिए भारत को अब 5 ट्रिलियन की अर्थ्व्यव्स्था बनाना होगा. जो लोग मोदी की इस आकांक्षा पर साल उठाते है उन्हें मोदी निराशावादी कहते है और लोगो को उनसे दूर रहते हुए मेहनत करने की सलाह देते है. इन सबक बीच मायावती ने भी प्रधानमंत्री मोदी और जनता के सामर्थ्य पर सवाल उठा दिये है जो किसी को भी रास बिलकुल भी नही आ रहे.

पीएम मोदी ने की थी केक के साइज़ की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने अभी कुछ समय पहले ही भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुअत की थी और उसी दौरान उन्होने फिर से लोगो के सामने पांच ट्रिलियन इकॉनमी का विजन रखा और कहा साइज़ ऑफ केक मेटर्स यानी केक जितना बड़ा होगा लोगो को उतना ही बड़ा टुकडा मिलेगा उसमे से. यानी अगर केक एक ट्रिलियन का है तो आपको एक ट्रिलियन में काम चलाना पड़ेगा और छोटे टुकड़े होंगे जबकि वही इकॉनमी का केक पांच ट्रिलियन का होगा तो लोग भर पेट खा सकेंगे यानी लोगो की आमदनी बढ़ेगी.

मायावती ने केक की बात के लिए मारा प्रधानमंत्री मोदी को ताना
अपने ट्विटर हेंडल से ट्वीट करते हुए कहा कि यहाँ एक तरफ जनता गरीबी, महंगाई और अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे है और पीएम उनके लिए केक की बात कर रहे है. इसे ही सत्ता का अहंकार और निरंकुशता कहा जाता है. मायावती आगे फ्रांसीसी क्रान्ति के एक वाक्य का जिक्र करते हुए कहती है कि अगर लोगो के पास केक नही है तो वो रोटी क्यों नही खाते? मायावती ने पीएम पर लोगो की मूलभूत समस्याओं पर गंभीर न होने के भी आरोप लगाये.

लोगो ने समझाया आप सोच समझकर बोले
मायावती का ये ट्वीट अच्छा खासा वायरल हुआ तो लोगो ने समझाना शुरू किया कि जिस महंगाई, अशिक्षा और गरीबी की आप बात कर रही है वो सब्सिडी या भीख देने से नही बल्कि अर्थव्यवस्था को बड़ा करने से ही ठीक होगी मगर आप लोगो को बड़ी अर्थव्यवस्था का हिस्सा न बनने देकर उन्हें इसी गड्डे में रोके रखना चाहती है.