पिता ने भी छोड़ दिया आकाश विजयवर्गीय का साथ, पार्टी के दबाव में कैलाश विजयवर्गीय ने कही ये बात

312

आकाश विजयवर्गीय इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा में है और चर्चा में होने के पीछे का कारण भी है कि उन्होंने कुछ ही दिन पहले अपने क्षेत्र के एक परिवार का एक मकान बचाने के लिये निगम अधिकारियों से झगडा कर लिया था. झगडा उन्होंने इस कदर बढ़ा लिया कि वो उन पर बैट से हमला करने लगे. आकाश को इसके चलते जेल भी जाना पड़ा, हालांकि उन्हें जमानत भी मिल गयी लेकिन अब आकाश की मुसीबते बढ़ने लगी है क्योंकि उनके साथ में उनके अपने लोग ही खड़े नजर नही आ रहे है.

पीएम मोदी जताई नाराजगी तो बीजेपी ने भेजा नोटिस
आकाश की इस हरकत पर प्रधानमंत्री मोदी काफी ज्यादा खफा हुए और इस कदर खफा हुए कि उन्होंने ये तक कह दिया कि चाहे वो सांसद हो या किसी का बेटा हो ऐसे लोगो को पार्टी में होना ही नही चाहिए. पीएम मोदी की इस बात को पार्टी ने काफी संजीदगी से लिया और आकाश विजयवर्गीय को इस मामले पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. आकाश पर कांग्रेस तो पहले से ही हमलावर थी लेकिन अब उनकी अपनी पार्टी भी उनके साथ में खड़ी नजर नही आ रही है. हालांकि उनके अपने समर्थक उनके साथ डटकर के खड़े है.

पिता भी नही कर पाए पूरी तरह से बचाव
जब कैलाश विजयवर्गीय से इस मामले पर प्रतिक्रिया माँगी गयी तो उन्होंने साफ़ करते हुए कहा कि मैंने आकाश को अपना बेटे होने की हैसियत से समझाया था. पार्टी की बात है तो वहाँ पर वो अपना पक्ष खुद ही रखेंगे. इस तरह से वो आकाश के पक्ष में राजनीतिक तौर पर सीधे सीधे आने से बचते हुए दिखे और इससे आकाश का पक्ष कमजोर भी होता है. हालांकि इससे पहले जब तक पीएम गुस्सा नही थे तब तक कैलाश विजयवर्गीय ने आकाश का समर्थन किया था.

कैलाश विजयवर्गीय ये कहते हुए नजर आये थे कि आकाश ने किसी बिल्डर के लिए लड़ाई नही की थी. घर में एक बुजुर्ग महिला थी जिसकी मदद के लिए ये करना पडा. इसके बाद में दोनों ही पिता पुत्र को काफी ज्यादा आलोचना का सामना करना पडा.