ममता बनर्जी की सरकार ने जारी किया बंगाल में दुर्गा पूजा पर तुगलकी फरमान

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बंगाल में जब आस्था की बात आती है तो यहाँ पर दुर्गा माता की पूजा की बात जरुर आती है. यहाँ पर वो सबसे अधिक पूजनीय है और बड़े स्तर पर उनके लिए कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है लेकिन लगता है अब इस पर भी राजनीतिक नजर लग चुकी है. दुर्गा पूजा और महामहोत्सव को अभी महज डेढ़ से दो महीने ही बचे है और सभी लोग इसकी तैयारियो में अब से ही लग चुके है मगर सरकार की तरफ से अभी हाल ही में अडंगा लगा दिया गया है कि जहां तहां पर पंडाल लगाने की अनुमति नही मिलेगी.

ममता का फरमान, सडक किनारे नही लगा सकेंगे पांडाल
बंगाल में दुर्गा माँ की पूजा के जितने भी पांडाल बनाते है वो या तो कोई मोहल्ले में या फिर सडक के आस पास लगाये जाते है. यानी ये सारे के सारे पब्लिक प्लेस होते है मगर अब इन जगहों पर पंडाल लगाने की अनुमति नही है. सचिवालय की तरफ से एक निर्देश जारी किया गया है जिसके तहत अगर कोई भी सड़क के आस पास पूजा पांडाल लगाता है या लगाता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी, इस मामले में किसी को भी बख्शा नही जायेगा. सरकार ने साफ साफ शब्दों में बता दिया है.

लोग पूछने लगे दोहरा मापदंड क्यों?
इन दिनों बंगाल के लोग इस तरह के फरमानों से बेहद ही परेशान है क्योंकि ममता सरकार उन लोगो पर लगाम नही कस रही है जो सड़क को घेरकर वहाँ नमाज पढने लग जाते है और इसके विरोध में कई जगहों पर लोगो ने सड़क पर बैठकर के हनुमान चालीसा का पाठ भी किया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस दोहरे मापदंड को लेकर के ममता सरकार से सवाल कर रहे है मगर ममता बनर्जी है कि वो जवाब देने को कही पर भी राजी नही है.

इस तरह के फरमानों से और दोहरे मापदंड के चलते बंगाल की जनता अपनी सरकार से काफी ज्यादा नाराज है मगर इसके बावजूद भी सरकार के रवैये में कोई भी बदलाव नही आया है.